By, Shrikant Pratyush
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शराबबंदी में बिहार में जहरीली शराब ले चुकी है 125 लोगों की जान.

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ईन मौतों के लिए विपक्ष ने ठहराया सरकार को जिम्मेवार, राष्ट्रपति शासन की उठी मांग तो सत्ता पक्ष ने जहरीली शराब कांड के पीछे बता दिया विपक्ष का हाथ.जहरीली शराब से होनेवाली मौतों पर राजनीति तो हो रही है लेकिन जहरीली शराब से होनेवाली मौतों को रोकने के लिए कुछ भी नहीं हो रहा.

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सिटी पोस्ट लाइव :कहने के लिए तो बिहार में पूर्ण शराबबंदी है लेकिन फिर भी अवैध कारोबार का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है.बड़े बड़े शराब माफिया हर शहर और ईलाके में पैदा हो गये हैं.जहरीली शराब के सेवन से लगातार लोग मर रहे हैं.इस दिवाली में भी 20 से ज्यादा लोगों की जहरीली शराब पीने से जान चली गई है.बिहार में 5 अप्रैल 2016 को बिहार में शराबबंदी हुई। तब से अब तक 125 लोगों की मौत शराब पीने से हो चुकी है. इनमें 2016 से 2020 तक 35 लोगों की मौत हुई.बीते 48 घंटों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है. गोपालगंज में 13 और बेतिया में 10 लोगों की मौत हो गई है.

जहरीली शराब से इस साल अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है. पंचायत चुनाव के नाम पर शराब की डिमांड बहुत बढ़ गई है.बढ़ती मांग को देखते हुए नकली शराब के कारोबारी बहुत सक्रीय हो गये हैं. विदेशी शराब बताकर ज्यादा स्प्रिट वाली शराब पीने की वजह से जानें जा रही हैं.ये सवाल लाजिमी है कि ये कैसी पूर्ण शराबबंदी है ,जहाँ सबसे ज्यादा जानें जहरीली शराब पीने से जा रही हैं.

2016 से अब तक सिर्फ गोपालगंज में 36 लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की बात सामने आ रही है. इसमें इस साल के 17 लोग शामिल है. इससे पहले 2016 में 19 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी. इस मामले में 5 मार्च 2021 को उत्पाद के स्पेशल कोर्ट ने 13 लोगों को सजा भी सुनाई थी. पहली बार शराबकांड में 9 को फांसी दी गई, जबकि 4 को उम्रकैद मिली. 15-16 अगस्त 2016 को खजूरबानी में यह हादसा हुआ था.

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