By, Shrikant Pratyush
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कैमूर पुलिस ने रेलवे में नौकरी का झांसा देने वाले गिरोह का किया खुलासा, 11 गिरफ्तार

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कैमूर पुलिस ने  गुप्त सूचना के आधार  पर तत्परता  दिखाते हुए  रेलवे में नौकरी देने के नाम पर बेरोजगारों को झांसा देने वाले गिरोह के सरगना सहित ग्यारह सदस्यों को धर दबोचा। 

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कैमूर पुलिस ने रेलवे में नौकरी का झांसा देने वाले गिरोह का किया खुलासा, 11 गिरफ्तार

सिटी पोस्ट लाइव : पुलिस अधीक्षक दिलनवाज अहमद ने रविवार को मोहनियां थाने में प्रेसवार्ता में पत्रकारो को बताया कि इंटर स्तरीय विद्यालय कर्णपुरा दुर्गावती के मैदान में रविवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजन किया गया था। जिसमें रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में माल गोदाम में नौकरी के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों के करीब ढाई सौ से अधिक अभ्यर्थी पहुंचे थे। इसमें फर्जी कंपनी के तथा कथित अधिकारी, कर्मचारी व चिकित्सक लग्जरी गाड़ियों से पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा एसपी को सूचना दी गई की दुर्गावती में शिविर लगाकर अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। जिसमें काफी संख्या में बेरोजगार उपस्थित हैं। इस संस्था द्वारा नौकरी देने के नाम पर सैकड़ों बेरोजगारों से लाखों रुपये उगाही की गई है। इससे संबंधित जानकारी के लिए दुर्गावती के स्टेशन प्रबंधक व आरपीएफ के पदाधिकारियों से जानकारी ली गई तो पता चला कि रेलवे में किसी तरह की बहाली नहीं होनी है।

 पुलिस अधीक्षक ने बताया कि स्थानीय दुर्गावती स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक राम प्रवेश सिंह ने भी पुलिस को लिखित रूप में दिया कि माल गोदाम में कार्यरत मजदूर व कर्मचारियों की ग्रुप डी में सीधी बहाली नहीं होती है। रेल विभाग में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। माल गोदाम में कार्यरत मजदूरों से रेलवे द्वारा अधिकृत कम्पनी या कॉन्ट्रेक्टरो के द्वारा काम कराई जाती है। उनही के द्वारा  उनके पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। रेलवे इन मजदूरों का भुगतान नहीं करती है।

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उन्हों बताया कि स्वास्थ्य शिविर की सत्यता की जांच के लिए डीआइओ की टीम को सादे लिबास में वहाँ पर भेजा गया। टीम द्वारा सत्यापन के क्रम में कई अभ्यर्थियों से बात की गई और पुष्टि कर ली गई कि कोई बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है । इसके बाद मोहनियां के पुलिस उपाधीक्षक  रघुनाथ सिंह व दुर्गावती थानाध्यक्ष सुहैल अहमद को छापेमारी का निर्देश दिया गया। उनके द्वारा छापेमार दस्ता को लेकर दोनों पदाधिकारी मौके पर पहुंचे तो वहां दर्जनों लोग भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के फॉर्म एवं भारतीय माल गोदाम मजदूर संघ के फॉर्म के साथ पकड़े गए।  छापेमारी में  मेडिकल किट, नौकरी का फॉर्म, फर्जी मुहर, पहचान पत्र, दो लग्जरी गाड़ी, मोबाइल फोन सहित नकदी बरामद किया गया है। आए अभ्यर्थियों ने बताया कि उनसे एक से डेढ़ लाख रुपये पहले लिया जा चुका है। मेडिकल के बाद चार लाख रुपये देने की बात थी। ।

कुछ अभ्यर्थियों द्वारा बताया कि छह लाख रुपये लेने के बाद छह हजार रुपये वेतन देने की बात फर्जी संस्था द्वारा कही गई थी। कंपनी के बुलावे पर अभ्यर्थी दुर्गावती में लगे  स्वास्थ्य जांच शिविर में पहुंचे थे। स्वास्थ्य शिविर के समीप जो बोर्ड लगा था उस पर भारतीय रेलवे माल गोदाम मजदूर संघ, मजदूरों के लिए संकल्पित, एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर अध्यक्ष नागेंद्र पासवान व राजेश तिवारी राष्ट्रीय महासचिव दुर्गावती रेलवे स्टेशन  लिखा हुआ था। फर्जी कंपनी द्वारा वेबसाइट भी बनाई गई थी। रेलवे के नाम से चला रहे फर्जी कंपनी के लोग अभ्यर्थियों को फर्जी परिचय पत्र भी निर्गत करते थे। जिसे देख कर बेरोजगार युवक इनके चंगुल में फंसते थे। यहाँ मेडिकल जांच में आये  अभ्यर्थियों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर व बिहार के मधुबनी जिले के थे।

गिरफ्तार लोगों में कैमूर जिले के नुआंव निवासी राकेश तिवारी, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गुलहरिया थाना क्षेत्र के अशरफपुर निवासी रमेश कुमार व जितेंद्र कुमार, गोरखपुर के डुमरा थाना क्षेत्र के ग्राम हनुमान नगर निवासी शत्रुघ्न कुमार, गोरखपुर के गुलहरिया थाना क्षेत्र के ग्राम पादड़ी बाजार निवासी गोपाल वर्मा व रविद्र कुमार, रोहतास जिले के सूरजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नौनहा निवासी साहिल जमील रिजवी, मधुबनी जिले के अरेर थाना क्षेत्र के ग्राम एकतारा निवासी सरोज कुमार साहनी, रोहतास जिले के नोखा थाना क्षेत्र के ग्राम घोडिहा निवासी वर्तमान में उत्तर प्रदेश रहने वाला ओम प्रकाश व ममता श्रीवास्तव, दरभंगा जिले के नगर थाना क्षेत्र के ग्राम किलाहाट निवासी मोहम्मद जावेद व उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जंगल हकीमन निवसी शेषनाथ चौहान हैं। वही ओम प्रकाश स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सक की भूमिका निभाता है।  इन गिरफ्तार लोगो से पूछताछ के आधार पर गिरोह अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।

विकाश चन्दन की रिपोर्ट

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