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पटना: पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में हुए बहुचर्चित दवा घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹3.14 करोड़ की अचल और चल संपत्तियों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत की गई है।
इस घोटाले का खुलासा उस वक्त हुआ जब 2008-09 और 2009-10 के दौरान दवाइयों, रसायनों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में भारी अनियमितताएं पाई गईं। जांच में पता चला कि बाजार दर से कहीं अधिक कीमत पर सामान खरीदे गए, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
ED ने इस मामले में PMCH के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश चौधरी, उपाधीक्षक डॉ. गणेश प्रसाद सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बिनोद कुमार सिंह, और सप्लायर फर्म ‘स्वस्थिक एंटरप्राइजेज’ के मालिक अमित धनधानिया और बिमल डालमिया सहित कई लोगों की संपत्तियों को जब्त किया है।
जब्त की गई संपत्तियों में पटना, गाजियाबाद, पुणे और बेंगलुरु में स्थित फ्लैट्स और प्लॉट्स, तीन वाहन और ₹28 लाख से अधिक की बैंक जमा राशि शामिल है। ED ने स्पष्ट किया है कि घोटाले से अर्जित अवैध धन का इस्तेमाल इन संपत्तियों को खरीदने में किया गया था।
यह मामला 2013 में विशेष सतर्कता इकाई (SVU) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के बाद सामने आया था, जिसके आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। सूत्रों के अनुसार, मामले में आगे और भी संपत्तियों की जब्ती और आरोपियों की पहचान की जा सकती है।