By, Shrikant Pratyush
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पुलिस को मनीषा ने हडकाया – कहा- मुंह खोलूंगी तो बड़े बड़े लोगों की परेशानी बढ़ जायेगी …

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पटना के आसरा शेल्टर होम की संचालिका सह कोषाध्यक्ष हाई प्रोफाइल गर्ल मनीषा दयाल को तीन दिन रखने के वावजूद पटना पुलिस कुछ खास नहीं उगलवा पाई. तीन दिन के रिमांड के दौरान उससे पूछताछ के काम में महिला अधिकारियों को लगाया गया था जिन्हें मनीषा ने ही हड़का दिया. उसने यहाँ तक कह दिया कि मेरा मुंह खुला तो बड़े-बड़े लोग परेशान हो जायेगें.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार की राजधानी पटना के आसरा शेल्टर होम की संचालिका सह कोषाध्यक्ष हाई प्रोफाइल गर्ल मनीषा दयाल को तीन दिन रखने के वावजूद पटना पुलिस कुछ खास नहीं उगलवा पाई. तीन दिन के रिमांड के दौरान उससे पूछताछ के काम में महिला अधिकारियों को लगाया गया था जिन्हें मनीषा ने ही हड़का दिया.सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान हर सवाल पर वो चुप्पी साधे रही.जब महिला अधिकारी ने दबाव डालने की कोशिश की तो नाराज होकर ,तमतमा कर खडी  हो गई और उसने यहाँ तक कह दिया कि मेरा मुंह खुला तो बड़े-बड़े लोग परेशान हो जायेगें.

पुलिस कस्टडी में मनीषा दयाल से मंगलवार को हुई पूछताछ में पहले तो चुपचाप बैठी रही, लेकिन एक महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि आप इशारों में कुछ न कहिये, साफ-साफ बोलिए फिर क्या था मनीषा आपे से बाहर हो गई और बोलने लगी कि  ज्यादा सवाल मत पूछिए, मुंह खोलूंगी तो कोई नहीं बचेगा. मुझे पता है, कौन क्या है? एक-एक की पोल खोल दूंगी. लेकिन मनीषा को आगे बोलने से  दूसरे आरोपित और मनीषा के चहेते चिरंतन ने उसे रोक दिया. वह बार-बार मनीषा को धैर्य रखने और ज्यादा नहीं बोलने की सलाह दे रहा था. पूछताछ के दौरान मनीषा के तेवर को देखकर पुलिसकर्मी हैरान और परेशान थे.

गौरतलब है कि आसरा होम में दो लड़कियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मनीषा दयाल और उसके साथी चिरंतन को गिरफ्तार किया गया है.पूछताछ के लिए दोनों को रिमांड पर पुलिस ने लिया था .लेकिन पुलिस उससे कोई राज उगलवा नहीं पाई. ब्रजेश ठाकुर से मनीषा दयाल की कड़ी जुड़ने की खबर मीडिया में आने के बाद अब वह सीबीआइ की रडार पर आ गई है. ब्रजेश ठाकुर के अखबार प्रातः कमल में मनीषा दयाल से संबंधित खबरें खूब छपती थीं और पहले पेज पर छपती थीं. इसलिए मानकर चला जा रहा है कि एनजीओ के कारोबार में उसे लाने में ब्रजेश ठाकुर की अहम् भूमिका थी.आसरा होम की दो संवा‍सिनों की रहस्यमय परिस्थिति में मौत के बाद मनीषा को गिरफ्तार किया गया है और वह तीन दिनों से  पुलिस की रिमांड पर थी. गिरफ्तारी के पहले तक मनीषा सालाना 70 लाख रुपये के बजट वाली स्‍वयंसेवी संस्था का संचालन कर रही थी.

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