सिटी पोस्ट लाइव
विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में कई विधायकों की मुश्किल बढनेवाली है।सूत्रों के अनुसार इस मामले में फंसी पूर्णिया के रुपौली से पूर्व विधायक बीमा भारती की लाई डिटेक्टिंग टेस्ट कराने की तैयारी चल रही है। इससे पहले 31 जुलाई को EOU ने इस मामले में पूर्व विधायक बीमा भारती से पूछताछ की थी।ईओयू ने तब प्रेस ब्रीफ जारी कर कहा था कि भारती से 4 घंटे तक पूछताछ हुई। कई ऐसे सवाल रहे जिसका संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। ऐसे में विधायकों की खरीद-फरोख्त के पीछे छिपे राज जानने ईओयू पूर्व विधायक और राजद नेत्री बीमा भारती का लाई डिटेक्टिंग टेस्ट करा सकती है।
फरवरी 2024 में NDA सरकार की ओर से विश्वास मत जीतने से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से जुड़ा है। जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने ईओयू को दिए बयान में बताया था कि उन्हें राजद खेमे में शामिल होने और फ्लोर टेस्ट के दौरान तेजस्वी यादव को समर्थन देने 10 करोड़ रुपए और मंत्री पद का फ्लोर दिया गया था। बीमा भारती भी फ्लोर टेस्ट के दिन रहस्यमयी ढंग से ग़ायब रहीं, उस समय वे पूर्णिया के रुपौली विधानसभा सीट से लगातार 5 बार की विधायक थीं।इस मामले में बीते 31 जुलाई को राजद की पूर्व विधायक बीमा भारती से कोतवाली थाने में 2024 में दर्ज विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में पूछताछ की जा चुकी है।
जेडीयू के विधायक डॉक्टर संजीव कुमार, सुदर्शन कुमार समेत आरजेडी से जुड़े कई ठेकेदार इस मामले में EOU के निशाने पर हैं।सूत्रों के अनुसार इनके ऊपर विधायकों को पाला बदलने के लिए प्रलोभन दिया गया।डॉक्टर संजीव पर तो बीमा भारती और उनके पति के अपहरण का केस भी जेडीयू विधायक सुधांशु शेखर ने पुलिस में दर्ज कराया था।लेकिन डॉक्टर संजीव कुमार ईन आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं।उनका कहना है कि उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज किये जाने को लेकत हाईकोर्ट पटना पुलिस को नोटिस भी जारी कर चूका है।
जेडीयू विधायक संजीव कुमार भी यहीं सवाल उठा रहे हैं।उनका कहना है कि कई आरजेडी के विधायक पला बदलकर सरकार के समर्थन में आये।उन्हें मंत्री बनाने से लेकर बोर्ड ,निगम और आयोग में पद देने का प्रलोभन दिया गया।उनके खिलाफ क्यों जांच नहीं हो रही है।बाहुबली नेता अनंत सिंह की पत्नी आरजेडी विधायक नीलम देबी और आरजेडी विधायक प्रहलाद यादव ने विश्वासमत के दौरान पाला बदला था।लेकिन इनके खिलाफ कोई जांच नहीं हो रही है।