By, Shrikant Pratyush
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IAS अफसर की 90 बीघा जमीन के लिए सोनभद्र में 10 लोगों का नरसंहार

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मूर्तिया गांव आदिवासी बाहुल इलाका है. यहां गोंड विरादरी के लोग कई पुश्तों से खेती करते आए हैं. आरोप है कि पूर्व आईएएस ने यहां 90 बीघा जमीन खरीदी थी लेकिन उन्हें उस पर कब्ज़ा नहीं मिल सका. उन्होंने यह जमीन ग्राम प्रधान यज्ञदत्त भूरिया को बेच दी. जिसके कब्जे को लेकर ही यह नरसंहार हुआ.

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IAS अफसर की 90 बीघा जमीन के लिए सोनभद्र में 10 लोगों का नरसंहार

सिटी पोस्ट लाइव : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में जमीन के लिए खून की होली खेली गई है. 10 लोगों की जान चली गई है. खबर के अनुसार जिले के  घोरावल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत मूर्तिया के उम्भा गांव में 90 बीघा जमीन के विवाद में गोलीबारी हुई है.गुर्जर और गोंड विरादरी के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक ही पक्ष के 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हैं. इस नरसंहार में बिहार कैडर के एक आईएएस का भी नाम सामने आ रहा है. कहा जा रहा है कि 2 साल पहले पूर्व आईएएस आशा मिश्रा और उनकी बेटी ने यह जमीन ग्राम प्रधान यज्ञदत्त को बेच दी थी. इसी जमीन पर कब्जे के लिए ग्राम प्रधान करीब 200 हमलावरों के साथ पहुंचा था. जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो सैकड़ों राउंड फायरिंग कर लाशें बिछा दी गईं.

मूर्तिया गांव आदिवासी बाहुल इलाका है. यहां गोंड विरादरी के लोग कई पुश्तों से खेती करते आए हैं. आरोप है कि पूर्व आईएएस ने यहां 90 बीघा जमीन खरीदी थी लेकिन उन्हें उस पर कब्ज़ा नहीं मिल सका. जिसके बाद उन्होंने यह जमीन ग्राम प्रधान यज्ञदत्त भूरिया को बेच दी. जिसके कब्जे को लेकर ही यह नरसंहार हुआ. पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के अनुसार मामले की जांच चल रही है और आईएएस की भूमिका की जांच भी की जा रही है. डीजीपी ने कहा कि 2 साल से ग्राम प्रधान इस जमीन पर कब्जे के लिए प्रयासरत था. सोनभद्र पुलिस ने जमीन विवाद में सभी संभावित निरोधात्मक कार्रवाई 2 माह पहले ही की थी. पुलिस की तरफ से कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती गई.

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