By, Shrikant Pratyush
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दुमका में दिनदहाड़े नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या

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झारखंड के संताल परगना में आदिवासी बेटियां सुरक्षित नहीं रह गईं हैं। आए दिन दुष्कर्म की घटनाएं घट रही हैं। अभी साहिबगंज में सामूहिक दुष्कर्म के बाद आदिवासी किशोरी की हत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ कि दुमका में एक और घटना घट गई।

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सिटी पोस्ट लाइव, दुमका: झारखंड के संताल परगना में आदिवासी बेटियां सुरक्षित नहीं रह गईं हैं। आए दिन दुष्कर्म की घटनाएं घट रही हैं। अभी साहिबगंज में सामूहिक दुष्कर्म के बाद आदिवासी किशोरी की हत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ कि दुमका में एक और घटना घट गई। शुक्रवार को एक 12 वर्षीय आदिवासी बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद बच्ची की हत्या कर दी गई। यह घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भालसुमर पंचायत के ठाड़ी गांव के पास घटी। घटना के बाद आम लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। रामगढ़ थाना क्षेत्र के भालसुमर पंचायत के ठाड़ी गांव के पास शुक्रवार को दिन के लगभग 10 बजे भालसुमर आदिवासी टोला की एक 12 वर्षीय आदिवासी नाबालिग  छात्रा मध्य विद्यालय भालसुमर में पांचवी क्लास में पढ़ती थी। शुक्रवार की सुबह 7.30 बजे वह घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए सिंदुरिया निकली थी। ट्यूशन पढ़कर लौटते वक्त लगभग 10 बजे उसके साथ ठाड़ी गांव के पास सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई। लगभग 10.30 बजे बच्ची के पिता खोजबीन में निकले तो ठाड़ी गांव के बाहर सड़क किनारे उसकी साइकिल खड़ी दिखी। इस पर वह आस-पास के झाड़ियों में उसकी तलाश की जहां उसका शव पड़ा हुआ था। घटनास्थल के पास तीन कंडोम मिला है।
नाबालिग के शव पर गला घोटे जाने के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इधर प्रतिदिन की तरह जब नाबालिग अपने घर वापस नहीं लौटी तो उसके पिता उसे खोजने निकले थोड़ी दूर जाने के बाद ठाढी गांव के काली मंदिर के पास  युवती की साइकिल देख पिता को कुछ संदेह हुआ तो उसने बेटी को पुकारना शुरू किया। किसी तरह की आवाज नहीं मिलने पर जब वह पलाश के झुरमुट के अंदर खोजने गया तो उसके होश उड गए। अर्धनग्न अवस्था मे बेटी मरी पडी थी। मृतका के पिता के द्वारा शोर मचाए जाने के बाद काफी संख्या में आसपास के ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। शव को झाड़ी से निकालकर सड़क पर लाया गया। ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना देने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को जब्त कर थाना लाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेज दिया है।  घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। घटना की सूचना रामगढ़ थाना की पुलिस को दे दी गई है। झारखंड के संताल इलाके में आए दिन दुष्कर्म की घटनाएं घट रही है। इससे आदिवासी समाज में आक्रोश बढ़ रहा है।
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मालूम हो कि विगत वर्ष महूबना गांव में भी अपराधियों ने पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। शव को मिट्टी में दफन कर दिया था। पुलिस ने सभी अपराधियों को गिरफ्तार करने के बाद  फांसी की सजा दिलाई थी। इधर भाजपा नेता जीतलाल राय ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार करने एवं पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग प्रशासन से किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी जैसे भोले-भाले समाज में इस तरह की लगातार घटनाएं सामने आ रही है जो काफी निंदनीय है।
शचार बहनो मे सबसे बडी थी मृतका 
मृतका चार बहनो में सबसे बडी थी। पढने मे काफी तेज होने के कारण किसान परिवार से होने के बावजूद पिता ने रामगढ के संत पीटर स्कूल में 5 वी कक्षा में नाम लिखवाया था। लॉक डाउन के दौरान स्कूल बंद हो जाने के बावजूद भी उसने पढना नहीं छोडा था। वह प्रतिदिन 3 किमी दूरी तय कर साईकिल से सिंदूरिया कोचिंग क्लास करने जाया करती थी। बेटी के साथ हुई इस घटना के बाद मृतका की मां एवं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
पुलिस के अनुसार यह मामला
प्रथम दृष्टया में रेप के बाद हत्या प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच को लेकर एसआईटी टीम गठित की गई। पुलिस काठीकुंड इस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम गठित कर हर बिंदू पर जांच कर रही है। रेप है या गैंग रेप पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पता चला चलेगा। पुलिस मामले में जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले का उद्भेदन करेगी।
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