By, Shrikant Pratyush
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मॉब लिन्चिंग:वैशाली जिले में आक्रोशित ग्रामीणों ने पीट-पीट कर चोर की हत्या की

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बिहार ही नहीं पूरे देश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है. रोज कोई न कोई  मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आ रही है. कुछ इसी तरह की घटना वैशाली के सराय से जुड़ी है जहाँ से मॉब लिन्चिंग का मामला सामने आया है. घटना पटेरा गांव की है, जहां रंगेहाथ पकड़े जाने पर एक चोर की आक्रोशित ग्रामीणों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी.

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मॉब लिन्चिंग:वैशाली जिले में आक्रोशित ग्रामीणों ने पीट-पीट कर चोर की हत्या की

सिटी पोस्ट लाइव- बिहार ही नहीं पूरे देश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है. रोज कोई न कोई  मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आ रही है. कुछ इसी तरह की घटना वैशाली के सराय से जुड़ी है जहाँ से मॉब लिन्चिंग का मामला सामने आया है. घटना पटेरा गांव की है, जहां रंगेहाथ पकड़े जाने पर एक चोर की आक्रोशित ग्रामीणों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी. वहीं पुलिस ने मौके से एक ताला तोड़ने वाला औजार भी बरामद किया है. घटना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

हालांकि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है. सराय थानाध्यक्ष धर्मजीत महतो ने बताया कि सराय थाना क्षेत्र के पटेरा गांव के एक घर में सोमवार की रात चोर घुस गया. इसके पहले वो कोई सामान ले जाता गृह स्वामी की नजर उसपर पड़ गई. उन्होंने शोर मचा दिया. चोर को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. फिर आक्रोशित ग्रामीणों ने चोर की जमकर पिटाई कर दी. जिसके चलते उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

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मालूम हो कि झारखंड के जमशेदपुर में भी इसी तरह मोटरसाईकिल चोरी के आरोप में तबरेज को भीड़ ने रात भर पीटा था और इसके बाद लोगों ने अगले दिन सुबह उसे पुलिस के हवाले कर दिया था. पुलिस ने पहले उसका इलाज सदर अस्पताल में कराया, फिर शाम को जेल भेज दिया. 22 जून की सुबह तबरेज को जेल से गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या मॉब लिन्चिंग की घटनाएं प्रायोजित होती हैं या फिर लोगों का कानून व्यवस्था पर से भरोसा उठने लगने है. या फिर कहीं लोगों को यह तो नहीं लगता है कि अगर इन्हें ज़िंदा छोड़ देंगे तो पुलिस पैसे लेकर या किसी दवाब में आकर छोड़ देगी. ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिसका समाधान हमें ढूँढना होगा अन्यथा आनेवाले समय में स्थिती बहुत भयावह होगी. लोग खुद ही इन्साफ करने लगेंगे और फिर संविधान नाम की कोई चीज नहीं रह जाएगी.
                                                                                                                                             जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट

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