By, Shrikant Pratyush
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सॉल्वर गैंग के सरगना की खोज में पटना से लेकर छपरा तक पुलिस की छापेमारी

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पुलिस के अनुसार नीट परीक्षा में धांधली के दौरान उजागर हुई है.सॉल्वर गैंग का मास्टर माइंड पीके उर्फ नीलेश सिंह पटना के पाटलिपुत्र में रहता है. महंगी गाड़ियों और रहन-सहन में विलासिता की जिंदगी जीने वाला पीके अपनी कॉलोनी के लोगों को अपना परिचय डॉक्टर के रूप में देता था. उसने यहां चार मंजिला आलीशान मकान बनवा रखा है.सॉल्वर गैंग के सरगना की खोज में पटना से लेकर छपरा तक पुलिस की छापेमारी लेकिन नहीं मिली सफलता..

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सिटी पोस्ट लाइव : यूपी में नीट परीक्षा (NEET 2021) में सॉल्वर गैंग के शामिल होने की बात सामने आने के बाद उसके सरगना की तलाश के लिए यूपी पुलिस (UP Police) ने बिहार पुलिस के साथ मिलकर रविवार को पटना से लेकर छपरा तक एक साथ छापेमारी की. लेकिन सॉल्वर गैंग (NEET Solver Gang) का सरगना पीके उर्फ नीलेश सिंह पुलिस के गिरफ्त में नहीं आ सका. छापेमारी के पहले ही पीके पटना और छपरा दोनों जगह से फरार हो गया. दबिश के दौरान पीके की तस्वीर पुलिस को जरूर हाथ लगी है.

पुलिस के अनुसार नीट परीक्षा में धांधली के दौरान उजागर हुई है. सॉल्वर गैंग का मास्टर माइंड पीके उर्फ नीलेश सिंह पटना के पाटलिपुत्र में रहता है. महंगी गाड़ियों और रहन-सहन में विलासिता की जिंदगी जीने वाला पीके अपनी कॉलोनी के लोगों को अपना परिचय डॉक्टर के रूप में देता था. उसने यहां चार मंजिला आलीशान मकान बनवा रखा है. पुलिस की छापेमारी के बाद पीके की असलियत उजागर होने से आसपास के लोग काफी हैरान हैं. बिहार के छपरा जिले के सेंधवा गांव में पीके के पैतृक आवास पर जब पुलिस गई तब उसे यह जानकारी मिली कि स्थानीय लोग उसे एक बिजनेसमैन के रूप में जानते हैं.

वाराणसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार के किए गए गैंग के सदस्य विकास कुमार महतो और राजू कुमार ने मामले की पड़ताल में जुटी पुलिस के सामने ये खुलासा किया है कि सॉल्वर गैंग के सदस्य एक सिम का उपयोग सप्ताह भर से ज्यादा नहीं किया करते हैं. सभी सदस्य फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का उपयोग करते थे और बातचीत के लिए मुख्य तौर पर व्हाट्सएप मैसेज और कॉल का ही सहारा लिया जाता था.

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