By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

प्रेम की धरती राधा-कृष्ण की ब्रजभूमि में दम तोड़ती मोहब्बतें

- sponsored -

0

एटा से कासगंज के रास्ते में सारस पक्षियों के जोड़े खेतों में चुगते हुए दिख जाते हैं. कई बार ये नृत्य भी करते हैं. देखते हुए लगता है जैसे दुनिया से बेपरवाह प्रेमी अपनी ज़िंदगी जी रहे हैं. कोई पास जाए तो वो उड़कर दूर दूसरे खेत में चले जाते हैं लेकिन इस ब्रजभूमि के प्रेमियों को ये आज़ादी नहीं है.

Below Featured Image

-sponsored-

प्रेम की धरती राधा-कृष्ण की ब्रजभूमि में दम तोड़ती मोहब्बतें

सिटी पोस्ट लाइव : कृष्ण और राधा की ब्रजभूमि उत्तर प्रदेश जहाँ का ताजमहल  ताजमहल दुनियाभर के प्रेमियों का तीर्थ है.इस ब्रज क्षेत्र के घर-घर में राधाकृष्ण की प्रेम लीलाओं के गीत गाए जाते हैं. लेकिन अब यहीं राधा  कृष्णा की ब्रज भूमि प्रेमियों के ख़ून से लाल हो रही है. यहाँ हर घर में  एक अनदेखा युद्ध चल रहा हो जिसमें एक ओर जवानी की दहलीज़ पर खड़े युवक-युवतियां हैं और दूसरी ओर उनके अपने ही परिजन.हाल के दिनों में आगरा और आसपास के ज़िलों से सम्मान के नाम पर प्रेमियों की हत्या के कई मामले सामने आए हैं.

11 जून को एटा के नयागांव में आम के पेड़ से सत्यप्रकाश यादव और सपना यादव का लटकता हुआ शव मिला.24 जून को  गणेशपुर, मैनपुरी के अमन यादव और रेखा यादव के तेज़ाब से जले शव झाड़ी में मिले.27जून आगरा के खैरागढ़ के श्यामवीर तोमर और उसकी प्रेमिका नेहा कुशवाहा के शव खेत में पड़े मिले.01जुलाई को  सोरों, कासगंज में  कुंवरपाल लोधी और उनकी प्रेमिका के रक्तरंजित शव मिले.यानी पिछले एक महीने राधा कृष्ण की प्रेम की नगरी ब्रजभूमि प्रेमी प्रेमिकाओं के खून से लाल हो गई.

Also Read

-sponsored-

“कमज़ोर नाज़ुक उम्र के बच्चों की ज़िद और परिवारों के सम्मान के बीच टकराव में मासूम बच्चों की जानें जा रही हैं.”माताएं  तड़प तड़प कर अपना छाती पीट  रही हैं.’प्रेमी  श्यामवीर जो मारा गया वह ठाकुर जाति के किसान का बेटा था जो पास के ही गांव की एक कुशवाहा जाति की नाबालिग लड़की से प्रेम करता था.ठाकुर लड़के और कुशवाहा लड़की के प्रेम के बारे में गांव में चर्चा थी. एक बार पंचायत भी हुई थी और उसे दूसरी जाति की लड़की से ना मिलने के लिए समझाया गया था.लेकिन उसका परिवार ये मानने को तैयार नहीं है कि वो अपने साथ मारी गई लड़की से प्रेम करता था.इस प्रेम प्रसंग का अंत केवल जाति की वजह से हो गया.सम्मान के नाम पर प्रेमी-प्रेमिका की हत्या हो गई.पुलिस जांच में सामने आया है कि श्यामवीर देर रात नेहा से मिलने पहुंचा था. उसे नेहा के साथ देख आक्रोशित हुए परिजनों ने दोनों की हत्या कर दी.

नेहा के घर में अब सन्नाटा पसरा है. आधा परिवार गिरफ़्तार हैं और बाकी लोग फ़रार हैं.

दरअसल,स्थानीय समाज यहां अंतरजातीय विवाहों का विरोध करता है. आमतौर पर अंतरजातीय शादियां यहां नहीं होती हैं. ब्रज क्षेत्र में जाति सबसे प्रभावी कारण है. एक जाति दूसरी जाति को स्वीकार नहीं होती है. मान-सम्मान यहां सबसे बड़ा मसला है. अगर एक जाति की लड़की किसी दूसरी जाति के लड़के से विवाह कर ले तो ये बड़ा मामला बन जाता है. “बात प्रेमी प्रेमिकाओं की हत्या तक कब पहुँच जाती है किसी को पता ही नहीं चलता..

यहां से क़रीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर मैनपुरी का गणेशपुर गांव अब भी पुलिस बलों के पहरे में है. 19 जून की शाम थी. घर में शादी की ढोलक बज रही थी. पड़ोसी-रिश्तेदार जुटे थे. दुल्हन बनने जा रही रेखा पर सबकी नज़रें थीं.छुपती-छुपाती, बचती-बचाती वो घर से निकलकर खेत की ओर गई. अमन भी पीछे हो लिया. ये रेखा की शादी से पहले दोनों की आख़िरी मुलाक़ात थी. लेकिन ज़िंदगी का आख़िरी दिन साबित हुई.

इसी तरह से अमन यादव और उनकी प्रेमिका के चेहरों को तेज़ाब से जला दिया गया.रेखा के चचेरे भाइयों ने दोनों को मिलते हुए देख लिया. आवेश में वहीं दोनों की हत्या कर दी. पहचान छुपाने के लिए चेहरों को तेज़ाब से जला दिया गया. 24 जून को दोनों की लाशें गांव के पास ही झाड़ियों से मिली. इस दिन रेखा की बारात भी आनी थी.मैनपुरी पुलिस ने गणेशपुर गांव में हुई इस घटना को ऑनर किलिंग यानी सम्मान के नाम पर हत्या माना है. हत्या में शामिल सपना के चचेरे भाइयों को गिरफ़्तार कर लिया है.

अमन और रेखा क़रीब दो साल से एक दूसरे को प्यार करते थे. अमन के एक नज़दीकी मित्र के मुताबिक रेखा के चचेरे भाइयों ने कई बार अमन को धमकाया भी था और कोमल से दूर रहने के लिए कहा था.लेकिन “शादी से पहले वो रेखा से अंतिम बार मिलना चाहता था. दिन में दोनों के बीच रात को मिलने को लेकर बात भी हुई थी. वो मिलने गया और वापस नहीं लौटा.”

राधा कृष्ण की प्रेम भूमि ब्रज में परिवारों का सम्मान सर्वोपरि है. पहले बच्चों को समझाया जाता है. डांटा जाता है. मारा-पीटा तक जाता है लेकिन जब परिवारों को लगता है कि बात हाथ से निकल गई है तो बात ऑनर किलिंग तक पहुँच जाती है.

एटा के सकीट क्षेत्र के सत्यप्रकाश यादव और नयागांव क्षेत्र की सपना यादव की प्रेम कहानी भी फ़ोन पर ही शुरू हुई थी लेकिन उसका अंत आम के पेड़ से लटकते हुए दोनों के शवों के साथ हुआ.11 जून की सुबह जब पौं फटी तो पीला सूट पहने सपना और नीली शर्ट पहने सत्यप्रकाश इन्हीं आम के पेड़ों की एक डाली से लटकते दिखे. दोनों शवों के पैर ज़मीन छू रहे थे.सपना और सत्यप्रकाश की मौत को पुलिस ने शुरू में ऑनर किलिंग माना था. एटा के पुलिस अधीक्षक के अनुसार  “11 जून को पुलिस को मिली सूचना बेहद गंभीर थी. दो शव हमें पेड़ से लटकते मिले थे. हमने हत्या का मुक़दमा दर्ज किया और डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया.” हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शुरुआती जांच और फोरेंसिक लैब लखनऊ की जांच के बाद अब ये मामला आत्महत्या का ज़्यादा लग रहा है.

एटा ज़िले के गांव आर्थिक तौर पर पिछड़े जरुर हैं लेकिन सम्मान यहां के लोगों का असली धन है. शान के लिए बंदूकें रखना भी यहां की संस्कृति है. एटा में 32 हज़ार से अधिक लोगों के पास लाइसेंसी बंदूकें हैं और50 हज़ार से अधिक लोगों ने लाइसेंस लेने के लिए आवेदन कर रखा है. कंधे पर बंदूक रखे लोगों का रास्तों में दिखना यहां आम बात है. ऐसा लगता है कि बंदूकों के सायों में प्रेम कहानियां दम तोड़ रही हैं.

एटा से कासगंज के रास्ते में सारस पक्षियों के जोड़े खेतों में चुगते हुए दिख जाते हैं. कई बार ये नृत्य भी करते हैं. देखते हुए लगता है जैसे दुनिया से बेपरवाह प्रेमी अपनी ज़िंदगी जी रहे हैं. कोई पास जाए तो वो उड़कर दूर दूसरे खेत में चले जाते हैं. चहचहाते पक्षी, कूकती कोयलें, नृत्य करते मोर यहां के माहौल को और भी प्रेममय बना देते हैं लेकिन इस ब्रजभूमि के प्रेमियों को ये आज़ादी नहीं है.यहाँ प्रेम का अंजाम सिर्फ मौत है.यहाँ कभी भी प्रेमी जोड़े के शव रास्ते में पड़े मिल जायेगें.घृणा का स्तर कभी कभी इतना जयादा होता है कि उनकी आँखें फोड़ दी जाती हैं, गुप्तांग काट जाते हैं.

इस तरह की घटनाएं एक संदेश भी देती हैं. लेकिन इतने गंभीर मामले में भी पुलिस लापरवाही करके क्या संदेश दे रही है? आगरा, एटा, मैनपुरी और कासगंज में इस तरह के ऑनर किल्लिंग की वजह से लोगों के दिलों में डर बैठा है, कई परिवार उजड़े हैं और नई दुश्मनियां पैदा हुई हैं. पुलिस और क़ानून व्यवस्था के लिए ये घटनाएं चुनौती बनती जा रही हैं.

सबसे बड़ा सवाल प्रेमी प्रेमिकाओं के खून से लाल हो रही राधा कृष्ण की ब्रजभूमि को बचाने के लिए शासन प्रशन क्या कर रहा है. क्यों नहीं सरकार और पुलिस कोई विशेष अभियान चला रही है? क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर कोई प्रयास हो रहा है? जो बेग़ुनाह जानें जा रही हैं, उसे सरकार और पुलिस क्यों एक गंभीर चुनौती के रूप में नहीं ले रही. .”

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More