By, Shrikant Pratyush
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बेटे की आँखों के सामने बालू माफिया ने पिता को जेसीबी से गड्‌ढा खोद जिंदा दफना दिया

पुलिस ने मामले की छानबीन किये वगैर किसान की लाश को भेंज दिया पोस्टमार्टम के लिए

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मंगलवार की रात बालू माफिया ने एक किसान को जिन्दा दफ़न कर दिया.फल्गू नदी शाखा के किनारे स्थित रैयती खेत से बालू उठाव के विरोध किये जाने से नाराज ठेकेदार ने  पोकलेन मशीन से गढ़ा खोद कर किसान को खेत में जिंदा दफन कर दिया.ये सबकुछ किसान के बेटे की आँखों के सामने किया गया.

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सिटी पोस्ट लाईव : बिहार में लाखों करोड़ों की अवैध कमाई करनेवाले बालू माफिया का हौसला कितना बुलंद है इसका नजारा नालंदा जिले में देखने को मिला है.जिले के  तेलहाड़ा थाना क्षेत्र के गंगा विगहा के मठियापर गांव में मंगलवार की रात बालू माफिया ने एक किसान को जिन्दा दफ़न कर दिया.फल्गू नदी शाखा के किनारे स्थित रैयती खेत से बालू उठाव के विरोध किये जाने से नाराज ठेकेदार ने  पोकलेन मशीन से गढ़ा खोद कर किसान को खेत में जिंदा दफन कर दिया.ये सबकुछ किसान के बेटे की आँखों के सामने किया गया.

सिटी पोस्ट रिपोर्टर के अनुसारर किसान राजेंद्र यादव और उनके बेटे को बालू माफिया ने पकड़ लिया .जेसीवी मशीन से गढ़ा खोदा और उसमे किसान को उसके बेटे की आँखों के सामने गढ़े में उठाकर फेंक दिया और ऊपर से बालू भर दिया .किसी तरह से वहां से भागने में सफल रहे किसान के बेटे ने जब ग्रामीणों को बताया तो हंगामा शुरू हुआ .मौके पर पहुंचे गांववालों से आरोपियों ने यह कहकर झांसा देने की कोशिश किया  कि अंधेरे के कारण किसान गड्ढे में गिर गए थे.किसान के बेटे  संजय यादव ने पोकलेन चालक समेत चार लोगों के खिलाफ अपने पिता को जिन्दा दफ़न किये जाने का मामला दर्ज करा दिया है .लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है.

संजय यादव ने बताया कि  रात करीब दो बजे उन्हें पता चला कि  उनके खेत से बालू का उठाव किया जा रहा है.राजेंद्र यादव अपने बेटे सनाजय यादव के साथ खेत पर पहुंचे. पोकलेन मशीन से अपने खेत से बालू उठाव का जब उन्होंने विरोध किया तो ठेकेदार और उसके लोगों ने चोंगा से खींचकर किसान राजेंद्र यादव को गड्‌ढे में गिरा दिया और ऊपर से बालू भर कर उन्हें बेटे की आँखों के सामने जिन्दा दफ़न कर दिया .संजय यादव ने किसी तरह से वहां से भागकर अपनी जान बचाई .इस हत्या के बाद उन्हें जब लगा कि बेटा मामले का खुलासा कर देगा तो ठेकेदार ने किसान की लाश को बाहर निकाल कर उसे अस्पताल भेंज दिया .खुद हत्यारों ने पुलिस को बुलाया और पुलिस ने वगैर मामले के अनुसन्धान के इसे एक दुर्घटना मानकर शव को  केस दर्ज किए बिना  पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.बालू माफिया और पुलिस की इस मिलीभगत से किसान दहशत में हैं.

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