By, Shrikant Pratyush
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प्रयोगशाला उपकरण की रकम को हड़पने वाले शिक्षक होगें बर्खास्त.

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शिक्षा विभाग ने इसे एक बड़ा घपला घोटाला मनते हुए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को  एक सप्ताह के अंदर अपने जिले से संबंधित एसी बिल का डीसी बिल के माध्यम से समायोजन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है. यदि किसी विद्यालय द्वारा ससमय डीसी बिल उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उसके प्रधानाध्यापक के विरुद्ध प्रपत्र क गठित कर संबंधित सक्षम प्राधिकार को सूचित कराना सुनिश्चित किया .घपले के आरोपी शिक्षक होगें अब बर्खास्त .

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प्रयोगशाला उपकरण की रकम को हड़पने वाले शिक्षक होगें बर्खास्त.

सिटी पोस्ट लाइव : उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवता बढाने के लिए विद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरण की आपूर्ति हेतु सरकार द्वारा दिए गए 3 लाख और 5 लाख की राशि का हिसाब किताब नहीं देनेवाले शिक्षक अपनी नौकरी से हाथ धो सकते हैं.गौरतलब है कि प्रोग्शाला उपकरण और उपस्कर की खरीद के लिए दी गई अरबों रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन शिक्षक उसका हिसाब किताब सरकार को नहीं दे रहे हैं.

शिक्षा विभाग ने इसे एक बड़ा घपला घोटाला मनते हुए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को  एक सप्ताह के अंदर अपने जिले से संबंधित एसी बिल का डीसी बिल के माध्यम से समायोजन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है. यदि किसी विद्यालय द्वारा ससमय डीसी बिल उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उसके प्रधानाध्यापक के विरुद्ध प्रपत्र क गठित कर संबंधित सक्षम प्राधिकार को सूचित कराना सुनिश्चित किया .माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है.

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गौरतलब है कि बिहार सरकार ने उच्च माध्यमिक विद्यालयों में उपस्कर की आपूर्ति के लिए 5 लाख एवं माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरण की आपूर्ति हेतु 3 लाख और 5 लाख की राशि उपलब्ध कराई गई .इसको लेकर संबंधित विद्यालय द्वार उपलब्ध करायी गई राशि का उपयोगित प्रमाण पत्र संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराया जाना था.लेकिन अभीतक ज्यादातर शिक्षकों ने ऐसा नहीं किया है. इस वजह से इस खर्चे का हिसाब किताब अभीतक शिक्षा विभाग  महालेखाकार को उपलब्ध नहीं करा सका है.अब शिक्षा विभाग ने खर्चे का सारा ब्यौरा जिला शिक्षा पदाधिकारियों से माँगा है जिसे ऑडिट के लिए महालेखाकार को सौंपा जाएगा.

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