By, Shrikant Pratyush
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जेल में बंद विचाराधीन बंदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी की

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दहेज हत्या के आरोप में गिरिडीह सेन्ट्रल जेल में बंद 32 वर्षीय विचाराधीन बंदी अशोक मल्लाह ने जेल के जर्जर शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।

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जेल में बंद विचाराधीन बंदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी की

सिटी पोस्ट लाइव, गिरिडीह: दहेज हत्या के आरोप में गिरिडीह सेन्ट्रल जेल में बंद 32 वर्षीय विचाराधीन बंदी अशोक मल्लाह ने जेल के जर्जर शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। घटना शुक्रवार शाम करीब पौने सात बजे की है। जब जेल में बंद विचाराधीन बंदियों को निर्धारित समय के साथ ही दुबारा जेल के वार्ड में भेजा जा रहा था। इसी दौरान गिनती में एक बंदी के कम होने के बाद जेल के कक्षपालों ने देखा कि एक बंदी कम है। इसके बाद कक्षपालों ने गुमशुदा बंदी को तलाशना शुरु कर दिया। तलाशने  के क्रम में ही एक कक्षपाल की नजर जेल के जर्जर शौचालय में रस्सी से लटक रहे अशोक मल्लाह पर पड़ी। इस दौरान आनन-फानन में कक्षपालों ने अशोक मल्लाह को नीचे उतारा, तो सांस चल रही थी। लिहाजा, कक्षपालों ने जेल अस्पताल में अशोक मल्लाह को स्लाईन चढ़वाया। इस बीच स्थिति बिगड़ने के बाद मृतक को शहर के अस्पताल में पहुंचाया गया। लेकिन रास्ते में ही बंदी ने दम तोड़ दिया। जिसकी पुष्टि अस्पताल के चिकित्सकों ने अस्पताल में किया। फिलहाल, मृतक के आत्महत्या करने का खुलासा नहीं हो पाया है। लेकिन जेल के कक्षपाल पवन कुमार की मानें तो करीब सवा छह बजे मृतक को जेल कैंपस में घूमते देखा गया था। इसके बाद ही मृतक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या को अंजाम दिए जाने की बात कही जा रही है। जेल प्रशासन के अनुसार मृतक अशोक मल्लाह गिरिडीह के पीरटांड स्थित बोनासिंगा गांव का रहने वाला था। दहेज हत्या के आरोप में मृतक को तीन माह पहले गिरिडीह केन्द्रीय कारा भेजा गया था। इधर जेल में आत्महत्या किए जाने का तीन माह के भीतर यह दूसरा मामला है। इधर जिले के प्रभारी डीसी मुकुंद दास ने बताया कि मौत मामले की जांच का आदेश दिया गया है और शव का पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट से जाँच कराई जाएगी।

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