By, Shrikant Pratyush
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झोला छाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन से गयी महिला की जान, 3 बेटों के सर से छीना मां का साया

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शेखपूरा जिले में वैसे तो झोला छाप डॉक्टरों की वजह से शेखपूरा में कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ चुका है और स्वास्थ्य विभाग आज तक चुप्पी साधे बैठी है. लेकिन, अब ताजा मामला सिरारी का है जहां, एक महिला को झोला छाप डॉक्टरों की करतूत से जान से हाथ धोना पड़ गया और उसके तीन बच्चे बेसहारा हो गए.

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सिटी पोस्ट लाइव: शेखपूरा जिले में वैसे तो झोला छाप डॉक्टरों की वजह से शेखपूरा में कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ चुका है और स्वास्थ्य विभाग आज तक चुप्पी साधे बैठी है. लेकिन, अब ताजा मामला सिरारी का है जहां, एक महिला को झोला छाप डॉक्टरों की करतूत से जान से हाथ धोना पड़ गया और उसके तीन बच्चे बेसहारा हो गए. दरअसल एक महिला संपर्या देवी उर्फ प्रमिला अपने पति के मौत के बाद से काफी दिनों से परेशान चल रही थी और पूरा घर का जिम्मेदारी तीन बच्चों का पालन पोषण भी कर रही थी.

लेकिन, बीते दिन एक झोला छाप डॉक्टर की वजह से उसे जान से हाथ धोना पड़ गया. महिला के परिजनों ने बताया है कि महिला संपर्या देवी धान का बीज लेकर बारसलिगंज के काशिचक से गया हावड़ा ट्रेन से वापस लखीसराय के अमहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कक्षेना गांव आ रही थी. उसी दौरान अचानक गैस की वजह से महिला के पेट में दर्द हुआ परिजनों को सूचित करने के बाद महिला सिरारी स्टेशन में ट्रेन से उतर गई और सिरारी थाना क्षेत्र स्थित एक दबाई दुकान न्यू मां तारा मेडिकल हॉल में पहुंच कर पेट दर्द की पूरी दास्तान सुनाई जिसके बाद झोला छाप डॉक्टर रामनरेश सिंह ने उसका उपचार शुरू कर दिया.

महिला को दर्द का दो इंजेक्शन लगाया गया. जिसके बाद महिला की स्थिति और बिगड़नी शुरू हो गयी. झोला छाप डॉक्टर ने अपना पल्ला झाड़ते हुए तुरंत उसे बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दे डाली. परिजनों ने आनन-फानन में महिला को दूसरे जगह ले जाने लगे लेकिन, झोला छाप डॉक्टर की दी गयी दवाई का रिएक्शन वो ज्यादा देर नहीं झेल पाई और सिरारी से शेखपूरा पहुंचने से पहले उसे जान से हाथ धोना पड़ गया. परिजनों ने इसकी शिकायत शेखपूरा एसपी से भी किया है. साथ ही परिजन उसपर प्राथमिकी दर्ज करेंगे. बताया जा रहा है कि ऐसे में जान बचाने वाला डॉक्टर अपने को बोलने वाले राम नरेश सिंह को बिना जानकारी के किसने इलाज करने का निर्देश दिया है. यह बड़ा सवाल उठता है और इस ओर शेखपूरा पुलिस क्या कार्रवाई करती है देखना लाजमी होगा.

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एक दवा का दुकान न्यू मां तारा मेडिकल दुकान चलाने वाला झोला छाप डॉक्टर राम नरेश सिंह की वजह से तीन बच्चों के सर से उसकी मां का साया छीन गया और अब तीनों बच्चे बेसहारा हो हाय हैं. परिजन चीख-चीखकर डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं. ऐसे में शेखपूरा स्वास्थ्य विभाग और शेखपूरा पुलिस को चाहिए कि ऐसे लापरवाह जान लेने वाले डॉक्टरों पर त्वरित कार्रवाई करे और तुरन्त डॉक्टर पर मर्डर केस का मुकदमा लगाकर जेल भेजा जाए. ताकि ऐसे और किसी महिला या व्यक्ति की जान न जा सके. बहरहाल, एसपी ने भी परिजनों को कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया है. मौत के बाद मृत महिला के परिजनों के द्वारा महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए शेखपूरा सदर अस्पताल लाया गया है.

                                                                                                                                  शेखपुरा से धीरज सिन्हा की रिपोर्ट

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