बिहार के कई सिविल कोर्टों को हाल ही में ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की गंभीर धमकियां मिली हैं, जिससे न्यायिक परिसरों में हड़कंप मच गया है। ये घटनाएं भागलपुर, समस्तीपुर, सीवान, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जिलों के सिविल कोर्टों से जुड़ी हैं। धमकी भरे ई-मेल में कोर्ट परिसर में बम लगाए जाने का दावा किया गया है, साथ ही विस्फोट करने का तरीका और धमकी का कारण भी बताया गया है। इनमें से कुछ मामलों में धमकी तमिलनाडु से भेजे गए ई-मेल से जुड़ी बताई जा रही है।

भागलपुर सिविल कोर्ट में धमकी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह को मिली। न्यायाधीश ने तुरंत पटना हाईकोर्ट और स्थानीय पुलिस-प्रशासन को सूचित किया। कोर्ट परिसर के अंदर-बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सीवान सिविल कोर्ट के जज को धमकी मिलने पर पुलिस कप्तान को जानकारी दी गई। परिसर को एहतियातन खाली कराया गया, डॉग स्क्वॉड बुलाई गई और वकीलों को अपनी सीटों की जांच करने का निर्देश दिया गया।
बेगूसराय सिविल कोर्ट में धमकी के बाद परिसर खाली करवा दिया गया। ई-मेल में दावा किया गया कि दोपहर 1:45 बजे तक बम विस्फोट होगा और यह तमिलनाडु से भेजा गया।
समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकियां मिलीं। समस्तीपुर में एसपी संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता ने सघन तलाशी शुरू की। कोर्ट खाली कराया गया और सर्च ऑपरेशन चल रहा है। मुजफ्फरपुर में भी परिसर खाली कर सुरक्षा चाक-चौबंद की गई।

इसके अलावा, पटना सिविल कोर्ट में एक अलग घटना हुई, जहां पिस्टल लेकर दो युवक प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। चेकिंग के दौरान एक को पकड़ लिया गया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। ASI प्रमोद कुमार के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ जारी है और फरार बदमाश की तलाश की जा रही है। हालांकि, ये धमकियां 8 जनवरी 2026 को पटना, किशनगंज, गया, मधुबनी आदि कोर्टों में मिली RDX धमकियों के बाद आई हैं। पुलिस और साइबर सेल ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस की जांच कर रही है। अभी तक किसी कोर्ट में विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन सभी जगहों पर सतर्कता बरती जा रही है और जांच जारी है।