By, Shrikant Pratyush
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अंधविश्वास में तीन मासूमों की जान गई, सर्पदंश के बाद झाड़ फूंक कराते रहे परिजन

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झारखण्ड के सिमडेगा जिले में एक बार फिर अंधविश्वास व अव्यवस्था ने सर्पदंश से पीड़ित 3 मासूमों की जान ले ली है। उक्त मामला ठेठईटांगर के ताराबोगा पंचायत के कंदाबेड़ा गौरी डूबा गांव का है।

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सिटी पोस्ट लाइव, सिमडेगा: झारखण्ड के सिमडेगा जिले में एक बार फिर अंधविश्वास व अव्यवस्था ने सर्पदंश से पीड़ित 3 मासूमों की जान ले ली है। उक्त मामला ठेठईटांगर के ताराबोगा पंचायत के कंदाबेड़ा गौरी डूबा गांव का है। जहां बीती रात सर्पदंश से 3 मासूम बच्ची की मौत हो गई। इनमें गौरीडुबा की एडलिन एक्का 8 वर्ष, कंदाबेड़ा की अंकिता लकड़ा व हर्षिता लकड़ा शामिल है। मृतक एडलिन के पिता पतरस एक्का ने बताया कि रविवार को चर्च में नवाखानी का पर्व मनाया गया था। उक्त तीनों बच्ची भी पर्व में शामिल होकर कंदाबेड़ा में ही हर्षिता के घर रात में सो गए थे।

इसी बीच रात में करीब 9 बजे तीनों को सांप ने डंस लिया। काफी दुरूह क्षेत्र होंने के कारण व रात में एंबुलेंस को फोन नहीं लगने के बाद गांव के लोग तीनों का झाड़ फूंक कराते रहे। इससे तीनों की मौत हो गई। इधर झाड़ फूंक का क्रम सोमवार की सुबह तक चलता रहा। यहां तक कि सुबह प्रशासन के समक्ष भी ओडिशा से आई महिला तीनों शवों को ओडिशा ले जाने के लिए अड़ी हुई थी और पुलिस-प्रशासन के सामने ही तीन बच्चियों को लेकर ओड़िशा के लिए रवाना हो गयी।  उसका कहना है  कि तीनों झाड़ फूंक व चंगाई के बाद ठीक हो जाएगी।

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