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देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधिक घटना दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। NCRB की हालिया रिपोर्ट काफी चौंकाने वाला है। आइए जानते है UPA सरकार के मुकाबले कितना ज्यादा है।
भारत में महिला सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर जब मोदी सरकार सत्ता में आई है। इसके बाद से दुष्कर्म और अन्य यौन अपराधों में लगातार वृद्धि देखी गई है। हालांकि, सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए कई पहल की हैं, लेकिन आंकड़े और घटनाएं यह दर्शाती हैं कि इन प्रयासों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। वहीं, देश में 2023 में महिलाओं के खिलाफ अपराध की लगभग 4.5 लाख घटनाएँ दर्ज की गईं, जो पिछले दो वर्षों के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। यह जानकारी 29 सितंबर को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में सामने आई। इस रिपोर्ट में भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस थानों से जुटाए गए आंकड़ों को आधार बनाया गया है। इसके अनुसार, 2023 में देश में 31,982 महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले दर्ज किए गए।

2023 की NCRB रिपोर्ट के मुताबिक, बलात्कार के मामले में पहले स्थान पर महाराष्ट्र(3,970) है। उसके बाद मध्य प्रदेश(3,619) और पांचवें पर बिहार(1,818) है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश 2023 में सबसे आगे रहा, जहाँ कुल 66,381 घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें बलात्कार के मामले भी शामिल हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 47,101, राजस्थान में 45,450, पश्चिम बंगाल में 34,691 और मध्य प्रदेश में 32,342 मामलों की रिपोर्ट दर्ज की गई। हालांकि, साल 2004 में महिलाओं के साथ बलात्कार की 16,075 घटनाएँ दर्ज हुई थीं, उस समय प्रति एक लाख महिलाओं पर अपराध की दर 1.5% थी। 2014 तक यह आंकड़ा बढ़कर 36,735 मामलों तक पहुँच गया और अपराध दर 6.5% हो गई। इस दौरान 10 वर्षों में लगभग ढाई लाख मामले दर्ज हुए, यानी औसतन हर साल करीब 25 हजार मामले सामने आए। 2004 से 2014 के बीच बलात्कार के मामलों में 128% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद, 2014 में NDA सरकार बनने के समय बलात्कार के मामले 36,735 रहे।
बता दें, महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने ये कदम उठाए हैं:
– सख्त कानून – निर्भया कांड बाद बलात्कार पर कड़ी सजा व मृत्युदंड प्रावधान।
– फास्ट ट्रैक कोर्ट– महिला अपराध मामलों की त्वरित सुनवाई।
– वन स्टॉप सेंटर – पीड़िताओं को मेडिकल, कानूनी व काउंसलिंग सुविधा।
– 181 हेल्पलाइन– महिलाओं के लिए 24×7 आपातकालीन सहायता।
– निर्भया फंड– सुरक्षा योजनाओं को वित्तीय सहयोग।
– सेफ सिटी प्रोजेक्ट– CCTV, स्मार्ट लाइट, महिला पेट्रोलिंग।
– बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ– जागरूकता और सुरक्षा माहौल मजबूत।