By, Shrikant Pratyush
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“विशेष” : संकल्प रैली के उन्माद में शहीद की शहादत को लगा ग्रहण

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बिहार के पटना स्थित गांधी मैदान में आयोजित एनडीए की संकल्प रैली को विरोधी कुछ भी कहकर खारिज करने की कोशिश करें लेकिन यह रैली सफल रैली रही ।इसे हम ऐतिहासिक रैली की संज्ञा नहीं देंगे लेकिन हालिया दिनों की सभी रैली पर यह रैली जरूर भारी रही है।

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“विशेष” : संकल्प रैली के उन्माद में शहीद की शहादत को लगा ग्रहण

सिटी पोस्ट लाइव “विशेष” : बिहार के पटना स्थित गांधी मैदान में आयोजित एनडीए की संकल्प रैली को विरोधी कुछ भी कहकर खारिज करने की कोशिश करें लेकिन यह रैली सफल रैली रही ।इसे हम ऐतिहासिक रैली की संज्ञा नहीं देंगे लेकिन हालिया दिनों की सभी रैली पर यह रैली जरूर भारी रही है ।इस रैली को लेकर लालू यादव का बेतुका बयान आया है ।लालू यादव कहते हैं कि जब वे पान दुकान पर खड़े होते हैं,तो इतनी भीड़ वहाँ जमा हो जाती है ।लालू यादव को यह पता नहीं है कि किसी भी चौक-चौराहे पर इतनी भीड़ की परिकल्पना भी बेमानी है ।तेजस्वी यादव की नजर में यह सुपर फ्लॉप रैली थी ।तेजप्रताप के अपने सुर हैं,जिसपर कोई शब्द देना, मानसिक दिवालियेपन का परिचायक होगा ।कांग्रेस की नजर में इस रैली में बीजेपी से ज्यादा जदयू के कार्यकर्ता थे ।मोदी की लोकप्रियता कांग्रेस की नजर में काफी गिरी है ।

यह रैली आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी सहित एनडीए की हार वाली रैली साबित होगी ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना में एनडीए की रैली में करीब दस साल बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए के मंच पर एक साथ नजर आए ।पिछली बार 2009 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना में दोनों नेता एक साथ मंच पर थे ।आपको बताते चलें कि पीएम की इस रैली को लेकर बिहार में राजग के तीनों घटक दल जद (यू),भाजपा और लोजपा ने इस रैली को लेकर खासा तैयारी की थी ।पीएम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के नेता हमारे जवानों के पराक्रम पर संदेह कर रहे हैं । जैसे इन लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाये थे,वैसे ही वे अब आतंकी ठिकानों पर हुए हवाई हमलों का सबूत मांगने लगे हैं ।

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वे अपनी राजनीति करते रहें और वे सबके लिए विकास के काम करते रहेंगे ।पीएम ने कहा कि जब आतंक की फैक्ट्री चलाने वालों के खिलाफ एक सुर से बात करने की जरूरत थी,तब दिल्ली में 21 पार्टियां मिलकर मोदी के खिलाफ,केंद्र की NDA सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए इकट्ठी हुईं थी ।अब नया हिंदुस्तान,नई रीति और नई नीति के साथ आगे बढ़ रहा है । अब भारत अपने वीर जवानो के बलिदान पर चुप नहीं बैठता, चुन-चुन कर हिसाब लेता है । पीएम ने कहा कि आप सभी साक्षी हैं कि हमारे देश की सक्षम सेना आतंक को कुचलने में जुटी हुई है ।चाहे वो सीमा के भीतर हो या बाहर ऐसे समय में देश के भीतर ही कुछ लोग क्या-क्या कर रहे हैं? देश की सेना का मनोबल बढ़ाने की बजाय वो ऐसे काम कर रहें हैं,जिससे दुश्मन के चेहरे खिल रहे हैं ।
पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत अपने वीर जवानों के बलिदान पर चुप नही रहता,चुन- चुन कर बदला लेता है ।देश में अगर ‘महा मिलावट’ वाली सरकार होती तो न फैसले होते और न ही गरीबों का कल्याण ही होता ।

इन लोगों की प्रवृत्ति अपना विकास करने की है,देश का विकास करने की नहीं । 2014 से लेकर अब तक का समय देश की बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने का था और अब 2019 से आगे का समय, देश को 21वीं सदी में नयी ऊंचाई पर पहुंचने का है । सुरक्षा चाहे गरीब की हो या देश की,देश पर बुरी नजर रखने वालों के सामने आपका ये चौकीदार और हमारा NDA गठबंधन दीवार बनकर खड़ा है । ये जो लूट-खसूट,चोरी-चकारी, बेनामी प्रॉपर्टी और बिचौलियों की संस्कृति बिहार और देश की राजनीति में दशकों से सामान्य हो चुकी थी,उसको बंद करने की हिम्मत हमने दिखाई है । हमारी सरकार ये सुनिश्चित करने में जुटी है कि बिहार में विकास की पंचधारा यानि – बच्चों को पढ़ाई,युवा को कमाई,बुजुर्गों को दवाई,किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई सुनिश्चित हो ।प्रधानमंत्री ने कहा कि जो गरीबों का छीन कर अपनी दुकान चला रहे थे,वे चौकीदार से परेशान हैं ।

इसीलिए चौकीदार को गाली देने की साजिश चल रही है ।आप यकीन रखिए,आपका चौकीदार हर तरीके से चौकन्ना है ।
पीएम मोदी ने कहा,चारे के नाम पर क्या-क्या हुआ है,ये बिहार के लोग बहुत बेहतर तरीके से जानते हैं. उद्योगों के साथ-साथ हमारे अन्नदाताओं के लिए भी देश के इतिहास की सबसे बड़ी योजना पीएम किसान सम्मान निधि आज जमीन पर उतर गई है ।इस योजना के तहत बिहार के डेढ़ करोड़ से अधिक छोटे किसानों समेत देश के लगभग 12 करोड़ किसानों को लाभ होगा ।
पीएम मोदी ने कहा कि यहां गांव और शहरों की सड़कों को,यहां के नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण हुआ है ।जो पुराने पुल हैं उनको सुधारा जा रहा है और नए फ्लाइओवर्स का निर्माण किया जा रहा है ।

ये जो लूट-खसोट थी,उसे बंद करने की हमने हिम्मत दिखाई है ।एनडीए की सरकार ये सुनिश्चित करने में जुटी है कि बिहार में विकास की पंचधारा यानि बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई,ये सुनिश्चित हो । बिहार ने विकास की जिस रफ्तार को पकड़ा है,वो और गति पकड़े ।इसके लिए केंद्र की NDA सरकार ने निरंतर प्रयास किया है । कुछ दिन पहले ही बरौनी में 30 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात बिहार को दी गई थी ।ये बिहार के विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की एक झलक भर थी ।एनडीए की रैली में पीएम मोदी ने कहा कि मैं वीर शहीदों को नमन करता हूँ ।शहीदों के परिवारों के साथ पूरा देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हुआ है ।

कुलमिलाकर यह आगामी लोकसभा की चुनावी रैली थी ।हम रैली को कामयाब रैली मानते हैं ।लेकिन इस रैली को सफल बनाने की वजह से जम्मू-कश्मीर के हिंगवारा में शहीद हुए सीआरपीएफ के डीएसपी पिंटू कुमार सिंह का पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पर पड़ा रहा लेकिन सूबे के मुखिया सहित कोई मंत्री,या फिर जदयू और भाजपा के कोई नेता ही इस अमर शहीद को सलामी देने पहुँचे ।श्रद्धांजलि के दो फूल भी किसी ने चढ़ाना मुनासिब नहीं समझा ।इस बीच मौका ताड़कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शहीद के पास पहुँचकर राजनीतिक सहानुभूति बटोरने की कुशल कोशिश जरूर की ।यह संकल्प रैली शहीद की शहादत पर भारी पड़ा ।शहीद पिन्टू कुमार सिंह के पार्थिव शरीर को हेलीकॉप्टर से उनके पैतृक गाँव ले जाया गया ।

बीते कल 2 मार्च को रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा शहीद के घर पहुँचकर अपना राजनीतिक धर्म निभा चुके थे ।इसमें कोई शक नहीं है कि शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए सूबे के मुखिया सहित सभी मंत्री और एनडीए के नेताओं को जाना चाहिए ।लेकिन रैली की वजह से इनलोगों ने बेहद घिनौना अपराध किया है ।सियासी दाँव-पेंच में शहीद के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ एक गलत परंपरा की शुरुआत है,जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है ।दिवंगत शहीद बेगूसराय जिले के बखरी थाना क्षेत्र के ध्यानचक गाँव के रहने वाले थे ।शहीद पिंटू कुमार सिंह ने 2009 में सीआरपीएफ में जॉइन किया था ।वे पांच भाइयों में सबसे छोटे थे शहीद पिंटू सिंह की एक 5 साल की पुत्री है ।पत्नी अंजू सिंह अभी गर्भवती हैं और इस हादसे की खबर सुनकर लगातार बेहोश ही हैं ।वाकई पिन्टू सिंह की शहादत का सियासतदानों ने रैली के नाम पर बड़ा मजाक उड़ाया है ।शहीद की शहादत पर मातमपुर्सी की जगह राजसिंहासन के लिए रैली ज्यादा जरूरी साबित हुई ।

पीटीएन न्यूज मीडिया ग्रुप के सीनियर एडिटर मुकेश कुमार सिंह की “विशेष” रिपोर्ट

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