By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

रविशंकर प्रसाद ने किया बीपीएससी महिला उप डाकघर का शुभारंभ, पीएम को किया धन्यवाद

- sponsored -

0

बीपीएससी महिला उप डाकघर का शुभारंभ करने के बाद रविशंकर प्रसाद ने कहा आज मेरे लिए काफी खुशी और संतोष का दिन है. भारत का दूसरा महिला डाकघर आज बिहार में खोला गया, एक दिन मुझे ट्विटर पर एक ट्वीट आया मैंने देखा भारी बारिश में भी मुंबई की महिला काम कर रही

Below Featured Image

-sponsored-

रविशंकर प्रसाद ने किया बीपीएससी महिला उप डाकघर का शुभारंभ, पीएम को किया धन्यवाद

सिटी पोस्ट लाइव : बीपीएससी महिला उप डाकघर का शुभारंभ करने के बाद रविशंकर प्रसाद ने कहा आज मेरे लिए काफी खुशी और संतोष का दिन है. भारत का दूसरा महिला डाकघर आज बिहार में खोला गया, एक दिन मुझे ट्विटर पर एक ट्वीट आया मैंने देखा भारी बारिश में भी मुंबई की महिला काम कर रही, मुम्बई मे पोस्टल विभाग के हेड कर्मचारी ने प्रयोग के रूप में महिला का पोस्ट ऑफिस बनाया जहां सिर्फ महिलाएं ही काम कर रही थी, मैंने उनके लगन को देखकर यह फैसला लिया कि महिला पोस्ट ऑफिस जल्द से जल्द खोला जाए.

बता दें आपको रविशंकर प्रसाद ने सभी महिला पदाधिकारी को भी धन्यवाद दिया और कहा यह पोस्ट ऑफिस अब शो केस के रूप में नजर आना चाहिए, जो भी पूरे देश मे एक मिशाल का काम करे. नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए रवि शंकर ने कहा कि हमारी सरकार हमेशा महिलाओं के हित के लिए काम करती है. मोदी जी ने जितने भी फैसले लिए गए कहीं ना कहीं वह फैसले महिलाओं के हित लिए हैं.

Also Read

-sponsored-

पहले के मुकाबले महिलाएं सशक्त हो गई है तमाम क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले आगे बढ़ती चली जा रही हैं और यह हमारा सौभाग्य है. हमारे देश की महिला पुरुषों से भी आगे निकलते चली जा रही हैं. तौर पर कहा जाए तो किसी भी देश का विकास तभी होता है, जब इस देश की महिलाएं आगे बढ़े और हमारे देश की महिलाओं में एक जज्बा है आगे बढ़ने का सभी महिला पदाधिकारी को सम्मानित करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा यह बदलते हुए भारत की शुरुआत है. साथ ही रविशंकर प्रसाद ने एलान किया और कहा देश भर के हर एक डिवीजन मे एक- एक महिला डाकघर खोला जाएगा. पूरे देश भर में 252 डिवीजन है तो साफ तौर पर 652 पोस्ट ऑफिस जल्द खोले जाएंगे.

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More