By, Shrikant Pratyush
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अब डीजल-पेट्रोल कारों पर ज्यादा टैक्स लगाने की तैयारी

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जाहिर है ज्यादा टैक्स लग जाने के बाद  लोग पेट्रोल और डीजल कारों की जगह इलेक्ट्रिक कारों की तरफ रुख करेगें. इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माता की सोसाइटी से जुड़े शीर्ष अधिकारी सोहिंदर गिल ने बताया कि सरकार के पास सब्सिडी देने के लिए नकदी की कमी है. ग्राहक तभी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेंगे

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सिटी पोस्ट लाइव : पेट्रोल डीजल की बढती कीमतों पर नियंत्रण के लिए अब सरकार अब पेट्रोल डीजल की गाड़ियों की बिक्री पर लगाम लगाने की तैयारी में जुट गई है. इस योजना के तहत सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ावा देने के लिए  पेट्रोल और डीजल कार पर ज्यादा टैक्स लगाने की योजना बना रही है. वित्त मंत्रालय का मानना है कि इस कदम से सरकार पर इलेक्ट्रिक वाहनों की फेम योजना को प्रोत्साहन देने का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा.

जाहिर है ज्यादा टैक्स लग जाने के बाद  लोग पेट्रोल और डीजल कारों की जगह इलेक्ट्रिक कारों की तरफ रुख करेगें. इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माता की सोसाइटी से जुड़े शीर्ष अधिकारी सोहिंदर गिल ने बताया कि सरकार के पास सब्सिडी देने के लिए नकदी की कमी है. ग्राहक तभी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेंगे जब उनकी कीमत पेट्रोल-डीजल वाहनों के मुकाबले कम होगी या उसके बराबर होगी. उनके मुताबिक पेट्रोल-डीजल वाहनों पर एक फीसदी टैक्स बढ़ाने से बड़ी मात्रा में पैसा आएगा जिससे 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी जा सकती है. दूसरी तरफ भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम स्कीम को 2022-23 तक चलाने के लिए 9,381 करोड़ रुपए की मांग की है. फेम स्कीम के दूसरे चरण को लागू करने को 3 बार टाला जा चुका है. नई स्कीम इस साल सिंतबर तक आ जाएगी.

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