By, Shrikant Pratyush
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हैदराबाद में CBT की अहम् बैठक आज, दोगुनी हो सकती है पेंशन

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PF खाते की रकम को कोई भी कर्मचारी एक तय समय के बाद निकाल सकता है. लेकिन, पेंशन की रकम निकालने के लिए नियम सख्त है,अगर नौकरी 6 महीने से ज्यादा और 9 साल 6 महीने से कम है, तो फॉर्म 19 और 10c जमा करके पीएफ रकम के साथ पेंशन की रकम भी निकाली जा सकती हैं.

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हैदराबाद में CBT की अहम् बैठक आज, दोगुनी हो सकती है पेंशन

सिटी पोस्ट लाइव : 21 अगस्त को हैदराबाद में CBT की अहम् बैठक होने जा रही है. इस बैठक में न्यूनतम पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने पर विचार हो सकता है. दोगुनी पेंशन समेत दो और बड़े फैसले आज हो सकते हैं.अगर बैठक में पेंशन बढ़ाने पर सहमति बनती है तो इसका सीधा फायदा पीएफ खाताधारकों  को मिलेगा.

आप जहां नौकरी करते हैं तो हर महीने आपकी सैलरी से PF का पैसा कटता है जो EPFO में जमा होता है. PF में आपकी सैलरी से कम से कम 12 फीसदी योगदान होता है. 12 फीसदी कंपनी की तरफ से दिया जाता है. कंपनी जो योगदान देती है उसमें 8.33 फीसदी पेंशन योजना (EPS) में जाता है और बाकी 3.67 फीसदी EPF में डाला जाता है.

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किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों के लिए पेंशन योजना शुरू करने के बाद अब सरकार ईपीएफओ के पेंशनर्स की पेंशन में बढ़ोतरी करने का मन बना चुकी है. श्रम मंत्री संतोष गंगवार कह चुके हैं कि ईपीएफओ पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है.

इस बैठक में दूसरा बड़ा फैसला फंड मैनेजर्स के रूप में HSBC AMC, UTI AMC और SBI म्यूचुअल फंड को नियुक्त करने का हो सकता है. यह नियुक्ति तीन साल के लिये हो सकती है. EPFO की ऑडिट और निवेश समिति (FAIC) ने तीन एसेट मैनेजमेंट कंपनियों HSBC AMC, UTI AMC और SBI म्यूचुअल फंड को एक अक्टूबर 2019 से तीन साल के लिये फंड मैनेजर नियुक्त करने की सिफारिश की है. फंड मैनेजर्स की नियुक्ति का फैसला अप्रैल से लटका हुआ है.CBT ने एक अप्रैल 2015 से एसबीआई, आईसीआईआईसीआई सिक्युरिटीज प्राइमरी डीलरशिप, रिलायंस कैपिटल और एचएसबीसी एएमसी को तीन साल के लिये नियुक्त किया था. उसके बाद ईपीएफओ को 5 फंड मैनेजर्स के कार्यकाल कई बार बढ़ाये गये. अब इन फंड मैनेजर्स की विस्तारित अवधि 30 सितंबर 2019 को समाप्त हो रही है.

 PF खाते की रकम को कोई भी कर्मचारी एक तय समय के बाद निकाल सकता है. लेकिन, पेंशन की रकम निकालने के लिए नियम सख्त है, क्योंकि यह अलग-अलग स्थिति में तय होते हैं.अगर नौकरी 6 महीने से ज्यादा और 9 साल 6 महीने से कम है, तो फॉर्म 19 और 10c जमा करके पीएफ रकम के साथ पेंशन की रकम भी निकाली जा सकती हैं.लेकिन, इसके लिए आपको मैनुअल तरीके से ही पीएफ ऑफिस में आवेदन करना होगा.

ऑनलाइन प्रोसेस में अभी पेंशन फंड निकालने की सुविधा को शुरू नहीं किया गया है. फॉर्म भरने के बाद इन्हें एम्प्लॉयर यानी EPFO के कार्यालय में ही जमा करना होगा.अगर आप अपना प्रोविडेंट फंड (PF) एक खाते से दूसरे खाता में ट्रांसफर करते हैं, तो आपकी चाहे जितनी भी सर्विस हिस्ट्री हो, आप पेंशन की रकम को कभी भी किसी हालत में नहीं निकाल पाएंगे.

मतलब साफ है कि आप अगर अलग-अलग जगह नौकरी करते हुए भी आपकी सर्विस हिस्ट्री 10 साल की हो जाती है तो आप पेंशन के लिए हकदार बन जाएंगे और 58 साल की उम्र होने पर आपको मासिक पेंशन के रूप में कुछ वेतन मिलने लगेगा.

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