By, Shrikant Pratyush
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 इंजीनियरिंग छोड़ खेती में आज़माया हाथ , अब होती है लाखों की कमाई

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अनूप कभी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हुआ करते थे . उनको अपने जीवन यापन के लायक सैलेरी ठीक -ठाक मिल जाती थी. लेकिन वो अपनी नौकरीशुदा जिंदगी से ऊब चुके थे.

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 इंजीनियरिंग छोड़ खेती में आज़माया हाथ , अब होती है लाखों की कमाई
सिटी पोस्ट लाइव – अनूप कभी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हुआ करते थे . उनको अपने जीवन यापन के लायक सैलेरी ठीक -ठाक मिल जाती थी. लेकिन वो अपनी नौकरीशुदा जिंदगी से ऊब चुके थे. वो हफ्ते में 6 दिनों तक सिर्फ संडे के इंतजार में काम करते थे.
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यह सिलसिला लगभग 4 वर्षों तक चला. खैर, अब वह आजाद हैं और अपने मन का काम कर रहे हैं. बता दें, उन्होंने दो साल पहले अपनी नौकरी को अलविदा कहा.अनूप पुणे में एक फ्लैट में रहते थे. उन्होंने नौकरी छोड़ने के तीन महीने बाद भी किसी को इसके बारे में नहीं बताया था.
हालांकि उनका रुजान खेती में था लेकिन कभी किसी को जाहिर नहीं किये , इस बीच उन्होंने गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र में किसानों से मुलाकात की और बाजार व खेती से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाईं. इसके बाद उन्होंने खेती करने की एक योजना बनाई और महाराष्ट्र के सांगली जिले में स्थित अपने गांव नागराले लौट गए. किसानी को पेशा चुनने पर अनूप कहते हैं कि, ‘मैं हमेशा किसी की नौकरी करते हुए नहीं बिताना चाहता था. मैंने अपने सीनियर्स को देखा था. दिमाग में यह बात साफ थी कि नौकरी करने वाला कभी भी उतना आगे नहीं बढ़ सकता, जितना नौकरी देने वाला बढ़ सकता है ‘
अब अनूप अपनी खुद  का  ही व्यवसाई कर रहे है. 12 एकड़ जमीन पर शिमला मिर्च, मक्का, गन्ना और गेंदे के फूल आदि की खेती करते हैं. बीते साल खेती से उनकी कमाई 20 से 25 लाख रुपये तक रही। इस साल उन्हें इससे भी अधिक कमाई की उम्मीद है। खैर, अनूप खुद खेती नहीं करते उन्होंने 10 से 15 मजदूर रखे हैं, जो उनके लिए खेती करते हैं।अनूप अपनी कमाई पर कहते हैं, ‘इंजीनियर की जॉब में मेरी सालाना आय 6.5 लाख रुपये थी। अब मेरी आमदनी दोगुनी है और सबसे बड़ी बात कि मैं अपने काम से संतुष्ट हूं।’
अनामिका सिंह की रिपोर्ट

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