By, Shrikant Pratyush
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चिदंबरम का मोदी सरकार पर निशाना, जीएसटी को ‘कर आतंकवाद’ की तरह लागू किया गया

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जिस तरह से देश में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया गया ये कर आतंकवाद लगता है। चिदंबरम ने रविवार को केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाते कहा कि यूपीए सरकार का कार्यकाल जीडीपी के लिहाज से स्वर्णिम काल रहा।

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चिदंबरम का मोदी सरकार पर निशाना, जीएसटी को ‘कर आतंकवाद’ की तरह लागू किया गया

सिटी पोस्ट लाइव : कांग्रेस ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ‘सही’ हाथों में नहीं है और यही वजह है कि दुनिया के बेहतरीन अर्थशास्त्री बीच में ही सरकार का साथ छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया गया ये कर आतंकवाद लगता है। चिदंबरम ने रविवार को केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाते कहा कि यूपीए सरकार का कार्यकाल जीडीपी के लिहाज से स्वर्णिम काल रहा। मोदी सरकार को अपने कार्यकाल के पांचवें साल में जीडीपी दर को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए)-1 के बराबर लाने के लिये एनडीए सरकार के दो कार्यकाल को मिलाना पड़ेगा।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में नोटबंदी और त्रुटिपूर्ण वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किये जाने से लोग ‘कर आतंकवाद’ का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कर आतंकवाद को परिभाषित करते हुए कहा कि जीएसटी की खामियों को कारण एक व्यक्ति को महीने में तीन-तीन और साल में 37 आयकर विवरणी भरनी पड़ रही है। यदि उस व्यक्ति का कारोबार देश के विभिन्न हिस्सों में हो तो आयकर विवरणी की यह संया सैकड़ों में होगी। उन्होंने सवाल किया कि यह कर आतंकवाद नहीं तो और क्या है?

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही समता एवं सामाजिक न्याय के साथ बढ़ी हुई विकास दर की पक्षधर रही है परन्तु वर्तमान मोदी सरकार में ये तीनों अपने निम्न स्तर पर हैं। कांग्रेस पार्टी के लिए हमेशा भारत और भारत की जनता का विकास प्रथम प्राथमिकता रही है, उसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए हम वर्तमान की मोदी सरकार को पांचवे एवं अंतिम साल के लिए शुभकामनाएं देते हैं। हम ये मानते हैं कि यूपीए 1 के आंकड़ो को छूना मोदी सरकार के लिए अब असंभव है पर ऐसी कामना करते हैं कि वो औसत विकास दर में कम से कम यूपीए 2 की बराबरी करने का प्रयास करे।

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