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बिहार क्यों पैदा हो गया है बिजली संकट, कितना हो रहा बिजली उत्पादन

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सिटी पोस्ट लाइव : 24 घंटे में 22 घंटे तक बिजली की सुविधा का आनंद लेनेवाले बिहार के छोटे शहरों-गावों-कस्बों के लोगों को अब रोज 8 से 9 घंटे लोड शेडिंग का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, बिहार में बिजली की किल्लत हो गई है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिजली की किल्लत को लेकर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं. बिहार में जारी बिजली की किल्लत को लेकर नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा था कि बिजली की समस्या है लेकिन हम आपूर्ति की पूरी कोशिश में लगे हैं. समस्या सिर्फ बिहार की नहीं है बल्कि अन्य जगहों पर भी है.

सरकार की जरूरत से कम बिजली मिलने की वजह से बिहार में लगातार बिजली की किल्लत (Power Crisis In Bihar) हो रही है. बिजली घरों से पर्याप्त बिजली का उत्पादन नहीं होने से बिजली की कमी सामने आ रही है.पटना से सटे बाढ़ एनटीपीसी (NTPC Barh) की तो इस पावर ग्रिड की यूनिट 4 से 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन अभी हो रहा है जबकि इसकी उत्पादन क्षमता 1320 मेगावाट है.बाढ एनटीपीसी की यूनिट 5 से अभी उत्पादन बंद है जो कि 660 मेगावाट उत्पादन करता था. एनटीपीसी बाढ़ के प्रवक्ता विश्वनाथ चंदन के अनुसार मेंटेनेंस कार्य के कारण यूनिट 5 से उत्पादन बंद है. दोनों यूनिट से उत्पादन हो रही 1320 मेगावाट बिजली में से 1198 मेगावाट बिजली बिहार सरकार को एनटीपीसी देती है, लेकिन वर्तमान समय में महज 600 मेगावाट ही बिजली दे पा रही है, ऐसे में सरकार के सामने बिजली कि समस्या उत्पन होना लाजमी है.

एनटीपीसी के पास केवल 4 से 7 दिन का कोयला का स्टॉक बचा है. एनटीपीसी में कोयले की कोई कमी नहीं बताई जा रही है. इससे पहले सोमवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी बिजली संकट को लेकर बयान दिया था. नीतीश कुमार ने कहा था कि बिजली की समस्या है. रिक्वायरमेंट के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है और दूसरे जगह से बिजली ज्यादा दामों पर सरकार खरीद कर लोगों को उपलब्ध करा रही है. नीतीश कुमार ने कहा था कि बिजली उत्पादन में कमी आने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है लेकिन जल्द ही स्थिति नार्मल हो जाएगी.

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