By, Shrikant Pratyush
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“विशेष” : महागठबंधन का रार, अब विद्रोह में हुआ तब्दील

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बिहार महागठबन्धन में सबसे बड़ी पार्टी राजद के युवराज तेजस्वी यादव के लगातार एकल फैसले ने महागठबन्धन को टूट के कगार पर ला दिया है। तेजस्वी द्वारा कांग्रेस को कम अहमियत देना और महागठबन्धन के अन्य साथियों पर भी उम्मीदवार तय करने में अपना राजनीतिक हंटर चलाना, सभी नेताओं को जलालत का अहसास करा रहा है।

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“विशेष” : महागठबंधन का रार, अब विद्रोह में हुआ तब्दील

सिटी पोस्ट लाइव “विशेष” : बिहार महागठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी राजद के युवराज तेजस्वी यादव के लगातार एकल फैसले ने महागठबन्धन को टूट के कगार पर ला दिया है। तेजस्वी द्वारा कांग्रेस को कम अहमियत देना और महागठबन्धन के अन्य साथियों पर भी उम्मीदवार तय करने में अपना राजनीतिक हंटर चलाना, सभी नेताओं को जलालत का अहसास करा रहा है। कांग्रेस शिवहर, दरभंगा, सुपौल और काराकट से अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहती है लेकिन तेजस्वी की जिद है कि इन सीटों पर उनकी मनमानी कांग्रेस को स्वीकारनी ही होगी। तेजस्वी की जिद की वजह से बिहार कांग्रेस के बड़े नेता दिल्ली में आलाकमान के साथ गर्म बैठक कर रहे हैं। सुपौल से रंजीता रंजन, शिवहर से लवली आनंद, दरभंगा से कीर्ति आजाद और काराकट से कौकब कादरी को कांग्रेस टिकट देना चाहती है लेकिन तेजस्वी इन चारों सीट पर अपनी पार्टी से उम्मीदवार खड़े करने की जिद पर अड़े हैं। अभी लवली आनंद भी दिल्ली में हैं। कांग्रेस के वरीय नेताओं ने उन्हें कल शाम ही दिल्ली बुला लिया है।

इधर पप्पू यादव ने यह घोषणा की है कि अगर सुपौल सीट से रंजीता को टिकट नहीं मिला तो बिहार में महासंग्राम होगा। इन तमाम विवादों से ईतर लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने राजद और तेजस्वी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजद की नौटंकी से बिहार लोकसभा चुनाव मजाक में तब्दील होता दिख रहा है। अभी के हालात पर गम्भीरता से गौर करें तो, महागठबन्धन टूटता हुआ नजर आ रहा है। लग रहा है कि कांग्रेस अब यूपी की तरह बिहार में भी अकेले अपने दम से चुनाव लड़ने पर मीटिंग कर रही है। दिल्ली में लवली आनंद ने कहा कि हम बिहार की सूरत बदलना चाहते हैं।

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हमें सदन में बैठने की भूख नहीं है ।हम जनता के दिल में रहते हैं। हमारे पति आनंद मोहन जी जनता के असली सिपाही रहे, इसलिए उन्हें निर्दोष रहते हुए भी, जनता से दूर कर के जेल की सलाखों के भीतर भेज दिया गया। बिहार में कांग्रेस फकीर की स्थिति में है। कांग्रेस को फ्रंटफुट पर खेलने की जरूरत है। आनंद मोहन जी के जनाधार के साथ ही और कई कद्दावर नेता हैं जिनके जनाधार का बेहतर फायदा कांग्रेस उठा सकती है। यह समय बड़े निर्णय लेने का है ।राहुल गांधी जी को बिहार को लेकर सीधा हस्तक्षेप करना चाहिए। अभीतक जो हमारे पास जानकारी उपलब्ध है, उसके मुताबिक महागठबन्धन कभी भी टूट कर बिखड़ जाएगा। राजद के अतिवाद और अतिरेक का सीधा फायदा एनडीए को होता दिख रहा है। आज रात तक सारी तस्वीरें साफ हो जाएंगी की महागठबन्धन के टुकड़े होंगे कि कोई बड़ा रास्ता निकाला जाएगा। जाहिर तौर पर, अहंकार, प्रपंच और लोभ में घिरा राजद अपने अस्तित्व से खिलवाड़ कर रहा है।

पीटीएन न्यूज मीडिया ग्रुप के सीनियर एडिटर मुकेश कुमार सिंह की “विशेष” रिपोर्ट

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