By, Shrikant Pratyush
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बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने पहुंची केन्द्रीय टीम, राज्य ने मांगी 2700 करोड़ रुपये

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बिहार के 13 जिलों में पिछले महीने आई बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से 2700 करोड़ रुपये की मांग की है. बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे.

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बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने पहुंची केन्द्रीय टीम, राज्य ने मांगी 2700 करोड़ रुपये

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार के 13 जिलों में पिछले महीने आई बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से 2700 करोड़ रुपये की मांग की है. बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे. इन जिलों के खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गईं, तो सड़कों और कई सरकारी भवनों को भी नुकसान पहुंचा है.

इस क्षति का आकलन करने बिहार पहुंची केंद्रीय टीम आज सीतामढ़ी दौरे पर है. टीम में केंद्र से चार और बिहार से तीन सदस्य शामिल शामिल हैं. तीन दिवसीय दौरे पर पटना (Patna) पहुंची टीम ने बुधवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया. बता दें कि बिहार सरकार ने 2700 करोड़ रुपये की क्षति का दावा किया है. टीम का नेतृत्व  एनडीएमए  के संयुक्त सचिव जी रमेश कुमार कर रहे हैं.

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आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी के अनुसार टीम शनिवार तक बिहार के सभी 13 बाढ़ग्रस्त जिले में हुई क्षति का जायजा लेगी.  संभावना है कि टीम रविवार को दिल्ली वापस लौट जायेगी. राज्य सरकार के प्रारंभिक आंकलन के मुताबिक इस साल आई बाढ़ से ढाई लाख हेक्टेयर में लगी फसलें नष्ट हो गईं. इसके अलावा कुछ जगहों पर खेत में बालू की मोटी परत जम गई है. बालू हटाए बिना खेती नहीं हो पाएगी. कृषि विभाग ने किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 353 करोड़ रुपये की मांग की है. बाढ़ से हुई क्षति के आंकलन के मुताबिक, राज्य में 3004 ग्रामीण सड़कों को नुकसान हुआ है. 

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