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आम बजट : महिलाओं और लड़कियों के लिए क्या रहा ख़ास, कौन सी चीजें हुई सस्ती

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सिटी पोस्ट लाइव : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में आम बजट 2022-23 पेश किया. यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट है. आम बजट में आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, कॉरपोरेट कर में राहत दी गई है. साथ ही क्रिप्टोकरेंसी से कमाई पर 30 प्रतिशत का टैक्स लगाने का प्रावधान है. वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट से अगले 25 सालों की बुनियाद रखी जाएगी.

राज्य सरकार के कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा लाभों में मदद करने और उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों की कर कटौती की सीमा 10% से बढ़ाकर 14% की जाएगी. वर्ष 2022-23 में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीएम आवास योजना के तहत 80 लाख घरों के निर्माण को पूरा करने के लिए 48,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि अमृत काल के दौरान नारी शक्ति के महत्व को हमारे उज्ज्वल भविष्य और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के अग्रदूत के रूप में स्वीकार करते हुए, हमारी सरकार ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं को व्यापक रूप से नया रूप दिया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को एकीकृत लाभ प्रदान करने के लिए मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 नामक तीन योजनाएं हाल ही में शुरू की गईं.

वहीं इस बजट में कपड़ा, चमड़े का सामान, मोबाइल चार्जर, खेती का सामान, हीरे के गहने, जूते-चप्पल सस्ते होंगे. साथ ही  विदेश से आने वाली मशीनें सस्ती होंगी. वित्त मंत्री ने कहा कि एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) सेक्टर में युवाओं को रोजगार देने की अपार संभावनाएं हैं. सभी हितधारकों के साथ एक एवीजीसी प्रमोशन टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, ये हमारे बाजार और वैश्विक मांग के लिए घरेलू क्षमता का निर्माण करेगी.

MSME को दो लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद की जाएगी. फसल का मूल्यांकन करने, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, कीटनाशकों और पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए किसान ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा. नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के लिए 2022-23 में ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा. पीएम ई विद्या के ‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ कार्यक्रम को 12 से 200 टीवी चैनलों तक बढ़ाया जाएगा. यह सभी राज्यों को कक्षा 1 से 12 तक क्षेत्रीय भाषाओं में सप्लीमेंट्री शिक्षा प्रदान करने में सक्षम बनाएगा

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