By, Shrikant Pratyush
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महामारी के बावजूद भारत को मिला 20 अरब डॉलर का एफडीआई : रंगास्वामी

भारत के लिए दस साल स्वर्णिम, भारत को इस मौके का फायदा उठाने की करनी चाहिए कोशिश.

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कोरोना संकट की वजह से पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्था चौपट हो गई है. लेकिन इस बीच अमेरिका के शीर्ष वेंचर कैपिटलिस्ट एमआर रंगास्वामी का बड़ा बयान सामने आया है.उनका कहना है  कि भारत के प्रौद्योगिकी, फार्मास्युटिकल, ई कॉमर्स और मैनुफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अगले दस साल ‘स्वर्णिम’ रहने वाले हैं.

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सिटी पोस्ट लाइव : कोरोना संकट की वजह से पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्था चौपट हो गई है. लेकिन इस बीच अमेरिका के शीर्ष वेंचर कैपिटलिस्ट एमआर रंगास्वामी का बड़ा बयान सामने आया है.उनका कहना है  कि भारत के प्रौद्योगिकी, फार्मास्युटिकल, ई कॉमर्स और मैनुफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अगले दस साल ‘स्वर्णिम’ रहने वाले हैं. रंगास्वामी ने कहा कि अमेरिका और भारत सहित कोरोना महामारी पूरी दुनिया में पैर पसार चुकी है. इसके बावजूद भारत को जो निवेश मिला है, वह शानदार है. पिछले कुछ माह में कोरोना महामारी के बावजूद भारत को 20 अरब डॉलर के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) मिला है. दुनियाभर की कंपनियां इस महामारी से प्रभावित हुई हैं.

सॉफ्टवेयर कारोबार क्षेत्र के दिग्गज रंगास्वामी ने कहा, मुझे लगता है कि अगले 10 साल भारत के लिए काफी अहम होंगे. भारत में प्रत्येक क्षेत्र चाहे वह औषधि हो या टेलीमेडिसिन, ई-कॉमर्स या लॉजिस्टिक्स डिजिटल और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो रहा है. बाजार के हर क्षेत्र, यहां तक कि किराना दुकानों में भी इनका इस्तेमाल हो रहा है. उनका कहना है कि ये भारत के लिए  एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका  फायदा मिलेगा.

भारत में एफडीआई का उल्लेख करते हुए रंगास्वामी ने कहा, यह किसी भी तरीके से असाधारण है. हाल के महीनों में भारत में गूगल ने 10 अरब डॉलर, फेसबुक ने 5.7 अरब डॉलर, वॉलमार्ट ने 1.2 अरब डॉलर और फॉक्सकॉन ने एक अरब डॉलर का निवेश किया है. मुझे लगता है कि इस साल भारत में इस तरह के और सौदे देखने को मिलेंगे. भारत में और  और अधिक निवेश जाएगा. ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन भारत में निवेश जारी रखेगी. अन्य कंपनियों की निगाह भी भारत पर है. निजी इक्विटी कंपनियां भी भारत में निवेश करना चाहती हैं.

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