By, Shrikant Pratyush
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पैतृक गांव पहुंचा मुन्ना बजरंगी का शव, परिवार में मचा कोहराम

मुन्ना बजरंगी पर गोली दुसरे सेल में बंद सुनील राठी ने चलाई गोली

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माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी का शव मंगलवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंच जिसके बाद उनके परिवार में कोहराम मचा गया. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो चूका है. मुन्ना बजरंगी सुरेरी थाना क्षेत्र के पूरे दयाल गांव के रहने वाले थे.

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पैतृक गांव पहुंचा मुन्ना बजरंगी का शव, परिवार में मचा कोहराम

सिटी पोस्ट लाइव :  माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी का शव मंगलवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंच जिसके बाद उनके परिवार में कोहराम मचा गया. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो चूका है. मुन्ना बजरंगी सुरेरी थाना क्षेत्र के पूरे दयाल गांव के रहने वाले थे. बता दें कि सोमवार को सुनील राठी ने मुन्ना बजरंगी की जेल में गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताते चलें मुन्ना बजरंगी को अक्टूबर 2009 में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त उसे इस बात का अंदाजा था कि जेल के भीतर उसकी जान को खतरा है और उसकी हत्या की जा सकती है। पिछले वर्ष मई माह से ही मुन्ना जेल के भीतर खुद को सुरक्षित स्थान पर रखने की कोशिश कर रहा था, उसे इस बात का अंदाजा हो गया था कि जेल के भीतर एक दिन उसकी हत्या हो सकती है। बजरंगी आखिरी बार 11 मई 2017 को सुल्तानपुर से दिल्ली कोर्ट जाने के लिए जेल से बाहर निकला था, वह इससे बाद कभी भी जेल से बाहर कोर्ट की पेशी के लिए नहीं गया, उसने हर बार कोर्ट की कार्रवाई में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए ही हिस्सा लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली कोर्ट के बाद बजरंगी बागपत की जेल में एक रात रहा और उसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया था।

इसके बाद यह पहली बार है जब उसे बागपत दोबारा स्थानीय कोर्ट में पेश करने के लिए लाया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बजरंगी खुद को कभी भी बागपत जेल के भीतर सुरक्षित महसूस नहीं करता था, वह यहां अकेले सूनसान जगह पर बैठता था। बजरंगी यहां सिर्फ अपने करीबी विकी सुनहरा के साथ बैठता था जोकि उसी जेल में उसके साथ था। यहां तक कि बीते रविवार की रात को भी वह विकी के साथ ही सेल नंबर एक में था। अधिकारी ने बताया कि सुनील राठी सेल नंबर 10 में था और उसने अचानक से मुन्ना बजरंगी पर गोली चलानी शुरू कर दी, उसने एसटीएफ के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उनकी साजिश पर ही यह हत्या की गई है। यह हत्या उस वक्त की गई जब सुबह 6.20 बजे कैदी जेल से बाहर चाय पीने के लिए बाहर जाते हैं।

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