By, Shrikant Pratyush
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जम्मू-कश्मीर में रातों-रात हालात सामान्य नहीं हो सकते : सुप्रीम कोर्ट

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न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की एक पीठ को केंद्र सरकार ने सूचित किया कि वह जम्मू एवं कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है, जिसके बाद न्यायालय ने यह माना की सामान्य स्थिति वापस लाने में समय लगेगा।

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जम्मू-कश्मीर में रातों-रात हालात सामान्य नहीं हो सकते : सुप्रीम कोर्ट

सिटी पोस्ट लाइव : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को कश्मीर घाटी में सामान्य स्थित बहाल करने के लिए समय चाहिए क्योंकि कुछ भी एक रात में नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की एक पीठ को केंद्र सरकार ने सूचित किया कि वह जम्मू एवं कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है, जिसके बाद न्यायालय ने यह माना की सामान्य स्थिति वापस लाने में समय लगेगा। फिलहाल, अदालत ने कांग्रेस नेता तेहसीन पूनावाला की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे दो सप्ताह के लिए टाल दिया है। कांग्रेस नेता तेहसीन पूनावाला ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए याचिका दायर की थी। न्यायालय ने इस बात पर जोर देकर कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और अदालत इस समय मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

न्यायालय ने कहा घाटी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार को प्रयास जारी रखने दिए जाए। केंद्र सरकार ने न्यायालय को भरोसा दिलाय कि कुछ ही दिनों में जल्द ही घाटी में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि 2016 में हुए उपद्रव में 47 लोग मारे गए थे लेकिन वर्तमान में एक भी व्यक्ति नहीं मारा गया है। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि वह स्थिति की दिन प्रतिदिन समीक्षा कर रही है और कम से कम मानवाधिकारों के उल्लंघन हो इस बात को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले हफ्ते संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करके जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया गया है, जिसके बाद से ही राज्य में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के प्रयासों पर अंकुश लगाने के लिए कर्फ्यू लगाया गया।

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