By, Shrikant Pratyush
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मुस्लिम महिलाओं के लिए खुशखबरी,ट्रिपल तलाक अध्यादेश को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

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तीन तलाक पर बड़ा फैसला लेते हुए मोदी सरकार ने तीन तलाक पर अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. बुधवार को कैबिनेट की हुई बैठक में इस पर मुहर लग गई. 

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मुस्लिम महिलाओं के लिए खुशखबरी,ट्रिपल तलाक अध्यादेश को मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

सिटी पोस्ट लाइव : ट्रिपल तलाक पर बड़ा फैसला लेते हुए मोदी सरकार ने तीन तलाक पर अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. बुधवार को कैबिनेट की हुई बैठक में इस पर मुहर लग गई.  यह अध्यादेश 6 महीने तक लागू रहेगा, यानी अब मोदी सरकार को शीत सत्र में ही इस बिल को पास कराना होगा. इस अध्यादेश के लागू होने के बाद केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में इसे पारित कराने की कोशिश कर सकती है.

 

 

राज्यसभा में तीन तलाक बिल के अटकने की वजह केंद्र सरकार ने अध्यादेश का रास्ता चुना है. बता दें कि लोकसभा से तीन तलाक बिल पास चुका है. लेकिन यह बिल फिलहाल राज्यसभा में अटका पड़ा है. कांग्रेस ने इस बिल में कुछ बदलाव की मांग की थी. कांग्रेस की तरफ से संसद में कहा गया था कि इस बिल के कुछ प्रावधानों में बदलाव किया जाना जरूरी है. गौरतलब है कि देश में तीन तलाक के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार ने कहा था कि वह इस पर विधेयक लेकर आए. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने विधेयक तो बनाया, लेकिन मॉनसून सत्र के दौरान इसे लोकसभा से पारित होने के बाद यह राज्यसभा में लंबित है.

 

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केंद्र सरकार के इस फैसले पर यूपी में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि महिलाओं की जीत हुई है. सरकार के बदलावों के मुताबिक, तीन तलाक ‘गैर-जमानती’ अपराध ही रहेगा, लेकिन मजिस्ट्रेट आरोपी को जमानत दे सकते हैं. पहले ऐसा नहीं था. साथ ही पीड़ित महिला के रिश्तेदार को भी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार होगा. 3 साल की सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया. अब मजिस्ट्रेट ये तय करेंगे कि जमानत केवल तब ही दी जाए जब पति बिल के मुताबिक पत्नी को मुआवजा देने पर सहमत हो. बिल के अनुसार, मुआवजे की रकम मजिस्ट्रेट तय करेंगे. मजिस्ट्रेट पति और उसकी पत्नी के बीच विवाद सुलझाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

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