By, Shrikant Pratyush
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नीतीश के बाद अब युवा नेताओं पर गरम हैं बीजेपी एमएलसी सच्च्दिानंद राय, सबको बताया अयोग्य

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बीजेपी एमएलसी सच्चिदानंद राय हाल के दिनों में सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं। सिलसिलेवार तरीके से उन्होंने कई बार सीएम नीतीश पर हमला बोला है। सच्चिदानंद राय अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते रहे हैं। सच्चिदानंद राय अब देश के कुछ युवा नेताओं पर हमलावर हैं।

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नीतीश के बाद अब युवा नेताओं पर गरम हैं बीजेपी एमएलसी सच्च्दिानंद राय, सबको बताया अयोग्य

सिटी पोस्ट लाइवः बीजेपी एमएलसी सच्चिदानंद राय हाल के दिनों में सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं। सिलसिलेवार तरीके से उन्होंने कई बार सीएम नीतीश पर हमला बोला है। सच्चिदानंद राय अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते रहे हैं। सच्चिदानंद राय अब देश के कुछ युवा नेताओं पर हमलावर हैं। उन्होंने तमाम सियासी युवराजों को अयोग्य करार दिया है। सच्चिदानंद राय ने अपने ऑफिसियल फेसबुक और ट्विटर हैंडल पर तेज प्रताप के बयान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी, कन्हैया, हार्दिक पटेल, शहला रशीद को अयोग्य नेता बताया है साथ ही कहा है कि लगता है कि भारत के लोकतंत्र में युवा नेताओं का पर्यायवाची पुराने नेताओं के अयोग्य वंशज हो गए हैं।

विजयादशमी के दिन का जिक्र करते हुए सच्चिदानंद राय ने मीडिया को ऐसे युवा नेताओं को तब्बजो न देने की भी नसीहत दी है। वहीं दूसरी तरफ सच्चिदानंद राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेजी से विकास कर रहा है। आगे बढ़ रहा है। विश्व गुरु के रूप में एक नई परिभाषा दे रहा है।राय ने अपने सोशल एकाउंट पर जो लिखा है वो पढ़िएरू- ष्लगता है कि भारत के लोकतंत्र में युवा नेताओं का पर्यायवाची पुराने नेताओं के अयोग्य वंशज हो गए हैं। आज विजयादशमी के दिन तेज प्रताप जी के बोल को सुना।

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उधर कांग्रेस के प्रौढ़ युवराज राहुल गांधी जी थाईलैंड में लापता हो गए हैं। ऐसे ही कुछ और नमूने हैं। और जो युवा राजनीतिक परिवारों से नहीं आते हैं वे इनसे भी दो कदम आगे बढ़कर कंपीट करते हैं। उस के भी कुछ उदाहरण हैं – कन्हैया, हार्दिक पटेल, शहला रशीद इत्यादि। क्या इन्हीं युवाओं के भरोसे भारत विश्व शक्ति बनेगा? और बना रहेगा? अब 2014 और 2019 के चुनाव परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि भारत की जनता परिपक्व फैसले लेने और उसे लागू रखने की योग्यता रखती है, तब क्या ऐसे नेताओं के लिए कोई भविष्य रह जाता है।

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