By, Shrikant Pratyush
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काहे नाराज हो गए हैं नीतीश जी के मंत्री, कैबिनेट की बैठक से किया किनारा

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अशोक चौधरी को मंत्री तो नीतीश कुमार ने बना दिया लेकिन उन्हें मंत्री का पूरा अधिकार नहीं मिला. खबर है कि अपने ही मंत्रालय में अपनी मर्जी नहीं चलने से अशोक चौधरी बेहद नाराज हैं.अपनी नाराजगी का इजहार करने के लिए उन्होंने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में भाग नहीं लिया.अपने आवास पर जमे रहे.

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काहे नाराज हो गए हैं नीतीश जी के मंत्री, कैबिनेट की बैठक से किया किनारा

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार कांग्रेस में नई जान फूंकने के बाद नीतीश कुमार की नजर में आये और उनके ही बनकर रह गए अशोक चौधरी. ऐसा माना जा रहा था कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कुर्सी को ठोकर मारकार आये अशोक चौधरी को JDU में अहम् जिम्मेवारी मिलेगी. उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. लम्बे समय तक वो मंत्री पद का इंतज़ार करते रहे. आखिरकार उन्हें मंत्री तो नीतीश कुमार ने बना दिया लेकिन उन्हें मंत्री का पूरा अधिकार नहीं मिला. खबर है कि अपने ही मंत्रालय में अपनी मर्जी नहीं चलने से आशिक चौधरी बेहद नाराज हैं.

मंगलवार को अशोक चौधरी ने कैबिनेट की बैठक से भी दुरी बना ली.कैबिनेट की बैठक को लेकर मंत्री क्षेत्र से पटना तो पहुँच गए थे लेकिन कैबिनेट की बैठक से दुरी बना ली. मत्री अपने आवास पर मौजूद रहे लेकिन कैबिनेट जाना मुनासिब नहीं समझा.आखिर क्यों..जब से एनडीए की सरकार बनी तब से लेकर अबतक यह पहला मौका है जब उन्होंने कैबिनेट मीटिंग में भाग नहीं लिया है.

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अशोक चौधरी एक बड़े दलित चेहरा हैं JDU के. बतौर पार्टी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और बिहार सरकार के मंत्री उन्होंने बेहतर परफॉर्म किया है. मंत्री काफी बोल्ड और वोकल हैं. लेकिन आज क्या हो गया कि मंत्री जी कैबिनेट की बैठक में नहीं गए. उनके नाराजगी की खबर मीडिया में चल रही है लेकिन कोई सफाई नहीं दी. बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि चौदह सालों में पहली बार कैबिनेट में भाग नहीं लेने का का कारण क्या रहा?

जानकारों की मानें तो कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर मतभेद की स्थिति बनी है.मंत्री तो नेता जी बन गए लेकिन विभाग में उनकी चल ही नहीं रही. कोई अधिकारी उनकी सुन ही नहीं रहा. बतौर मंत्री वो बड़े बड़े फैसले हमेशा लेते रहे हैं लेकिन अभी तो मंत्री की हैसियत से एक भी बड़ा फैसला नहीं ले पाए हैं. जाहिर है अपनी पीड़ा और नाराजगी का इजहार करने के लिए मंत्री जी ने कैबिनेट की बैठक का बहिष्कार कर दिया. सच्चाई क्या है, मंत्री जी ही बता सकते हैं, फिरहाल ये तमाम अटकलें लगाईं जा रही हैं.

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