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EBC आयोग का बिहार सरकार ने किया गठन.

हाईकोर्ट से रिव्यू पिटिशन वापस लेने बाद लिया फैसला, JDU के प्रदेश महासचिव बने इसके अध्यक्ष.

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सिटी पोस्ट लाइव :नगर निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट से बिहार सरकार  द्वारा अपना रिव्यू पिटिशन को वापस लिए जाने के बाद नगर निकाय चुनाव का रास्ता साफ़ हो गया है. बिहार सरकार ने नगर निकाय चुनाव में अति पिछड़ा आरक्षण को लेकर आयोग का गठन कर लिया है. जेडीयू के प्रदेश महासचिव नवीन कुमार आर्य को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद को सदस्य बनाया गया है. ज्ञान चंद पटेल और तारकेश्वर ठाकुर को सदस्य बनाया गया है. यह आयोग नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक रूप से अति पिछड़े वर्ग को लेकर अध्ययन करेगा.उसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण की रिपोर्ट तैयार करेगी.

बिहार में होने वाले नगर निकाय चुनाव में पिछड़ों और अति पिछड़ों को आरक्षण का लाभ दिए जाने के मामले में पटना हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई. बिहार सरकार ने रिव्यू पिटिशन को वापस ले लिया है। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार व अन्य की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई की. राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अति पिछडे वर्ग के राजनीतिक पिछड़ेपन के लिए एक विशेष कमीशन का गठन किया जाएगा.ये कमीशन राज्य में अति पिछडे वर्ग में राजनीतिक पिछडेपन पर अध्ययन कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौपेंगी. इसके बाद राज्य सरकार के रिपोर्ट के आधार पर राज्य चुनाव आयोग राज्य में नगर निकायों का चुनाव कराएगा. कोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार व अन्य द्वारा दायर पुनर्विचार याचिकाओं को निष्पादित कर दिया.

दरअसल ईबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी थी. जिसके बाद बिहार सरकार ने ईबीसी आरक्षण मामले में पटना हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी. जिस पर आज सुनवाई हुई. ईबीसी आरक्षण में नियमों का पालन नहीं होने का हवाला देते हुए 4 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी थी.बिहार सरकार ने मामले पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया था. इससे पहले सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि नगर निकाय चुनाव में अति पिछड़ा आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को नहीं माना गया और राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी.

बाद में पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य चुनाव आयोग ने नगर निकाय चुनाव को स्थगित कर दिया था. बिहार सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना रही थी. लेकिन सरकार ने पटना हाईकोर्ट में ही रिव्यू पिटीशन दायर की है.नगर विकास विभाग के अनुसार, पटना उच्च न्यायालय ने 4 अक्टूबर 2022 को आदेश पारित किया गया था जो नगर निकायों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित है. इसके विरुद्ध राज्य सरकार ने पटना उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की गयी है. हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए आज का दिन मुकर्रर किया है.

बिहार में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 और 20 अक्टूबर को होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है. दूसरी डेट बाद में जारी की जाएगी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयोग के अफसरों ने 8 घंटे बैठक की। इसके बाद यह निर्णय लिया.

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