By, Shrikant Pratyush
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भाजपा ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित की प्रेसवार्ता, कांग्रेस को जमकर सुनाई खरी-खोटी

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आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया. इस प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश मिश्रा और भाजपा के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी सुरेश रूंगटा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस द्वारा राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए लगाए गए तथ्यहीन, निराधार और बेबुनियाद टिप्पणियों का पुरजोर खंडन करती है.

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सिटी पोस्ट लाइव: आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया. इस प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश मिश्रा और भाजपा के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी सुरेश रूंगटा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस द्वारा राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए लगाए गए तथ्यहीन, निराधार और बेबुनियाद टिप्पणियों का पुरजोर खंडन करते हुए निंदा करती है. यह कांग्रेस की एक नई किस्म की निम्नतम स्तर की राजनीति है. जिसने 50 से अधिक वर्षों से भारत पर शासन किया है. यह पेगासस की फर्जी कहानी मानसून सत्र से ठीक पहले क्यों गढ़ी गई? क्या इसे मानसून सत्र से ठीक पहले लाना कुछ लोगों की पूर्व नियोजित रणनीति थी?

जानबूझकर मानसून सत्र के समय सदन को बाधित करने और देश में बेबुनियाद एजेंडा खड़ा करने की कोशिशें की जा रही है और इसका कारण यह है कि कांग्रेस पार्टी अब सिमट रही है और हार रही है. इस फर्जी कहानी से भारत सरकार को जोड़ने वाले साक्ष्य का एक भी सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया है. यह फर्जी रिपोर्ट भारतीय लोकतंत्र और इसकी सुस्थापित संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास प्रतीत होती है. क्या हम इस बात से इनकार कर सकते हैं कि एमनेस्टी जैसी संस्थाओं के कई मायनों में भारत विरोधी घोषित एजेंडा रहा है? जब हमने उनसे कानून के अनुसार उनके विदेशी फंडिंग के बारे में पूछा तो वे भारत से अपना बोरिया बिस्तर समेट लिया. इस रिपोर्ट में संदिग्ध लोगों के साथ सांठगांठ चलाने वाले विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भी संलिप्तता है.

साथ ही कहा कि, यह शर्मनाक है कि कांग्रेस जैसी पार्टियां ऐसे संगठनों की लाइन को तोते की तरह दुहरा रही हैं. यदि हमारे विपक्षी दल ‘ सुपारी एजेंटों के रूप में शामिल हैं तो यह भारत के लिए एक नया निम्न स्तर है. 2013 के एक आरटीआई जवाब से पता चला कि उस समय कांग्रेस की यूपीए सरकार द्वारा हर महीने लगभग 9,000 फोन और 500 ईमेल खातों की निगरानी की जाती थी. यह भी सर्वविदित है कि हरियाणा के दो सिपाही राजीव गांधी जी के आस-पास देखे गए तो उन्होंने केंद्र में चंद्रशेखर की सरकार गिरा दी थी. यही कांग्रेस का चरित्र है. हाल ही में राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर भी फोन टैपिंग का आरोप लगाया गया था. ये आरोप कांग्रेस के ही विधायकों के द्वारा लगाए गए. लोगों की निजता और स्वतंत्रता के उल्लंघन के कांग्रेस के इतिहास के बारे में हर कोई जानता है.

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