By, Shrikant Pratyush
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बीजेपी विधायकों ने छठ घाट पर जाने के लिए व्रतियों को उकसाया, खुद घरों में अर्घ्य अर्पित किया: भट्टाचार्य

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झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम)के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायकों ने कोरोना संक्रमण काल में आम श्रद्धालुओं को छठ घाट पर जाकर पूजा-अर्चना के लिए उकसाने का काम किया और बीजेपी के कई बड़े नेताओं-विधायकों ने खुद अपने घरों में ही अर्घ्य अर्पित किया।

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सिटी पोस्ट लाइव, रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायकों ने कोरोना संक्रमण काल में आम श्रद्धालुओं को छठ घाट पर जाकर पूजा-अर्चना के लिए उकसाने का काम किया और बीजेपी के कई बड़े नेताओं-विधायकों ने खुद अपने घरों में ही अर्घ्य अर्पित किया। सुप्रियो भट्टाचार्य ने शनिवार को रांची में संवाददाता सम्मेलन में  रांची के बीजेपी विधायक सीपी सिंह और हटिया के विधायक नवीन जायसवाल की कुछ तस्वीर जारी करते हुए इन फोटो को देखकर यह समझा जा सकता है कि बीजेपी विधायकों ने राज्य सरकार द्वारा छठ महापर्व को लेकर जारी गाइडलाइन पर जिस तरह से हाय-तौबा मचाया और छठ घाट पर अर्घ्य अर्पित करने की अनुमति देने की मांग को लेकर पिछले दिनों रांची के एक तालाब में घुटने पर पानी में खड़ा रह कर विरोध प्रदर्शन किया, उन दोनों बीजेपी विधायकों सीपी सिंह और नवीन जायसवाल ने खुद अपने ही घरों में अर्घ्य अर्पित किया। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि छठ महापर्व पर दोनों बीजेपी विधायकों का पैर तक नहीं भींगा, लेकिन जो कल तक सरकार पर तुष्टिकरण का का आरोप लगा रहे थे, उन विधायकों ने अर्घ्य अर्पित करने के दौरान खुद भी न तो मास्क लगाया और न ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया।

चतरा में छठ घाट पर एक कोयला कारोबारी की गोली मार कर हत्या की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि छठ घाट में इस तरह का पाप अपेक्षित नहीं था, जो भी दोषी है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। राज्य के पुलिस के मुखिया ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अब नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। पार्टी ऐसी कार्यरतापूर्ण कार्रवाई की निन्दा ही नहीं, बल्कि भर्त्सना भी करती है, बाकी पुलिस का काम है।  झारखंड विधानसभा के कल स्थापना दिवस के मौके का जिक्र करते हुए कहा कि यह बड़े ही दुःख की बात है कि राज्य में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद बीजेपी ने अपने विधायकों में से किसी को नेता नहीं चुन पाने में सफल नहीं हो पायी है और दूसरे दल से आये एक विधायक को नेता बना दिया है, जिसका मामला अभी स्पीकर के न्यायाधिकरण में चल रहा है।

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