By, Shrikant Pratyush
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BJP का ‘मांझी’ पर तगड़ा पलवार, भाजपा नेता ने दी नसीहत

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बिहार एनडीए में जेडीयू की सहयोगी दल हम पार्टी के नेता जीतनराम मांझी लगातार बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. पहले बिना नाम लिये बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल पर हमला बोला और कहा कि दलित-अल्पसंख्यक एक हो रहे तो आपके पेट में दर्द हो रहा।

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार एनडीए में जेडीयू की सहयोगी दल हम पार्टी के नेता जीतनराम मांझी लगातार बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. पहले बिना नाम लिये बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल पर हमला बोला और कहा कि दलित-अल्पसंख्यक एक हो रहे तो आपके पेट में दर्द हो रहा। इसके बाद आज उन्होंने लगे हाथ भाजपा को मानसिकता बदलने की नसीहत दे दी. मांझी ने तो यहां तक कह दिया कि मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे आतंकी नहीं होते. यह सोच बदलिये. मांझी के इस बयान के बाद बीजेपी ने एक बार फिर से पूर्व सीएम जीतनराम मांझी पर हमला किया है. बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक राजीव रंजन ने कहा कि कुछ ऐसे विशेषज्ञ हैं जो नक्सली और आतंकी की जात-धर्म खोज लिये हैं.

बीजेपी उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि हम तो अभी तक जान रहे थे कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता और नक्सली की कोई जात नहीं होती .आतंकी, आतंकी होता है और नक्सली, नक्सली. लेकिन कुछ ‘विशेषज्ञों’ ने तो इनका जात-धर्म सब खोज निकाला और देश की अखंडता बचाने के लिए इन दुर्दान्तों के अपराधों पर आँखे मूँदने की सलाह भी दे रहे हैं . सही को सही और गलत को गलत कहने की हिम्मत रखिए. जनता ने कश्मीर को भी देखा है और अभी बंगाल से नूरपुर तक का तमाशा भी देख रही है. आतंकी या नक्सली किसी के सगे नहीं होते, यह ‘भस्मासुर’ पालने वालों को भी नहीं छोड़ते . हिंदुस्तान के मर्म को न समझने वाले पाकिस्तान का उदाहरण देख सकते हैं.

मांझी ने बीजेपी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा है कि गरीब दलित जब आगे बढ़े तो नक्सली, गरीब मुसलमान जब मदरसे में पढ़े तो आतंकी, भाई साहब ऐसी मानसिकता से बाहर निकलिए,यह राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए ठीक नहीं। पूर्व सीएम और हम प्रमुख ने कहा कि बांका के मदरसे में हुए विस्फोट की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. गौरतलब है कि मांझी लगातार बीजेपी पर हमलावर हैं.दो दिन पहले ही उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल द्वारा बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने को लेकर उन्हें आड़े हाथों लिया था. मांझी ने कहा था कि सूबे में कुछ लोगों को दलित-मुस्लिम एकता से पेट में दर्द हो रहा है. वहीं बिहार सरकार के ऊपर ऊंगली उठा रहे हैं.

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