By, Shrikant Pratyush
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बिहार में इन्सेफेलाईटिस का कहर जारी है, 141 तक पहुंचा मौतों का आकड़ा

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– ‘बिहार में बहार है फिर से नीतीशे कुमार है’ का नारा आपको अच्छी तरह से याद होगा. लेकिन मुजफ्फरपुर में जिस तरह से लगातार मासूमों की मौत हो रही है उससे यह नारा सुशासन बाबू के लिए अब अप्रसांगिक हो चुका है. बिहार में चमकी बुखार का कहर लगातार जारी है. इस इन्सेफेलाईटिस से पुरे बिहार में मौतों का आकड़ा अब 141 तक पहुंच चुका है.

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बिहार में इन्सेफेलाईटिस का कहर जारी है, 141 तक पहुंचा मौतों का आकड़ा

सिटी पोस्ट लाइव- ‘बिहार में बहार है फिर से नीतीशे कुमार है‘ का नारा आपको अच्छी तरह से याद होगा. लेकिन मुजफ्फरपुर में जिस तरह से लगातार मासूमों की मौत हो रही है उससे यह नारा सुशासन बाबू के लिए अब अप्रसांगिक हो चुका है. बिहार में चमकी बुखार का कहर लगातार जारी है.  इस इन्सेफेलाईटिस से पुरे बिहार में मौतों का आकड़ा अब 141 तक पहुंच चुका है.

अकेले मुजफ्फरपुर के दो अस्पतालों में कुल 112 बच्चों की मौत हुई है.वहीं 29 मौतें राज्य के अन्य जिलों में हुई है. बुधवार की सुबह से ही मुजफ्फरपुर में बच्चों के अस्पताल आने का सिलसिला जारी है और 25 बच्चे भर्ती किए गए हैं. बीमार बच्चों की बात करें तो ये संख्या 500 पार हो गया है. SKMCH और केजरीवाल अस्पताल में अभी भी 183 बच्चे इलाजरत हैं.

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मुजफ्फरपुर में 113 बच्चों की मौत, हाजीपुर में अबतक 11 बच्चों की मौत, समस्तीपुर में अबतक 5 बच्चों की मौत, मोतिहारी में अबतक 5 बच्चों की हुई मौत, पटना के PMCH में 1 बच्चे की हुई मौत, शिवहर में AES से 2 बच्चों की हुई मौत, बेगूसराय में AES से एक बच्चे की मौत, भोजपुर में AES से एक मासूम की मौत, सीवान में AES से एक बच्चे की मौत, बेतिया में AES से एक बच्चे की हुई मौत.

मालूम हो कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 दिन बाद मंगलवार को मुजफ्फरपुर के अस्पताल में पहुंचे. लेकिन वहाँ उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा. लोगों ने जमकर नारेबाजी की और नीतीश कुमार वापस जाओ के नारे लगाएं. हालांकि प्रशासन ने नीतीश कुमार के आने से ही पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखा था. धारा 144 भी लागू की गई थी.                                                                                 जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट

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