By, Shrikant Pratyush
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तीन-तीन आदिवासी मुख्यमंत्री देने के बाद भी संथाल परगना का विकास नहीं : मुख्यमंत्री

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जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री का काफिला लिट्टीपाड़ा पहुँचा। यहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुबर दास ने सवालिया लहजे में कहा कि संथाल परगना ने इस राज्य को तीन-तीन मुख्यमंत्री दिया।

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तीन-तीन आदिवासी मुख्यमंत्री देने के बाद भी संथाल परगना का विकास नहीं : मुख्यमंत्री
सिटी पोस्ट लाइव, पाकुड़: जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री का काफिला लिट्टीपाड़ा पहुँचा। यहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सवालिया लहजे में कहा कि संथाल परगना ने इस राज्य को तीन-तीन मुख्यमंत्री दिया। बावजूद इसके यह इलाका विकास से अछूता क्यों रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ के गरीब संथाल पहाड़िया लोगों को पीने का पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। इसके लिए कोई और नहीं, सिर्फ वैसे लोग जिम्मेवार हैं जो आजतक आपकी आड़ लेकर अपनी राजनीतिक दुकानदारी चलाते रहे। वर्ष 2015 में अपने गाँव के विकास के लिए योजना बनाओ अभियान कार्यक्रम की शुरूआत करने यहाँ आया था। उस वक्त हमारी संथाल पहाड़िया माताओं-बहनों ने बताया था कि वे पेयजल को तरसने को मजबूर हैं। मैंने तुरंत अधिकारियों को इस दिशा में अविलंब पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही 217 करोड़ की लागत से लिट्टीपाड़ा प्रखंड के सैकड़ों गाँवों के घर-घर में पाइप लाइन के जरिए पीने का पानी पहुँचाने का काम शुरू करवा दिया। आने वाले दिसंबर महीने से यहाँ के लोगों के घरों में साफ पेयजलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आपको अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का हिसाब देने आया हूँ। हमारी डबल इंजन की सरकार द्वारा इन पांच वर्षों में संथाल परगना के विकास के लिए अबतक की सरकारों से भी ज्यादा काम किया है। जबकि संथाल परगना की धरती ने राज्य को तीन-तीन मुख्यमंत्री दिया लेकिन वे लोग अपनी जेबें भरने में लगे रहे। इसके लिए उन्होंने न सिर्फ संथाल परगना को बल्कि आपको भी लूटने से परहेज नहीं किया। उन्होंने लोगों से विकास का नाम लेकर अपना और अपने परिवार का विकास करने वाले झारखंड नामधारी पार्टियों को राज्य से बाहर खदेड़ने की अपील की। भाजपा सरकार द्वारा आदिवासियों की जमीन छीने जाने के आरोपों के बावत कहा कि सीएनटी व एसपीटी एक्ट की धज्जियाँ उड़ाने वाले व बाप- बेटा तथा बेटी की राजनीति करनेवाले लोग ही यहाँ की भोली-भाली आदिवासी जनता को बरगला कर अपनी चमड़ी बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा संथाल के पहाड़ों पर रहने वाले पहाड़िया परिवारों को डाकिया योजना के तहत 35 किलो चावल उनके घर पहुंचा रहे हैं। पहाड़िया समाज के पढ़े-लिखे युवक युवतियों को पहाड़िया बटालियन में नौकरी देने का काम हमारी सरकार ने ही किया। 2 लाख 17 हजार महिलाओं को सखीमंडल के माध्यम से बैक से लोन देकर स्वावलम्बी बनाने का काम किया। अब चार हजार महिलाओं द्वारा आंगनबाड़ी में दिए जाने वाली रेडी टू ईट की पैकेटिंग का काम करके साल में 500 करोड़ का रोजगार कर पाएंगी। साथ ही शहरों की तरह अब हर गांव में स्ट्रीट लाइट लगायी जा रही है। गांव में पेबर ब्लॉक के द्वारा सड़कें बनायी जा रही हैं। साथ ही उन्होंने लिट्टीपाड़ा के युवाओं को रोजगार में हुनरमंद बनाने के लिए स्किल्ड डेवलपमेंट सेंटर खोलने की बात कही। इस मौके पर मंत्री डाॅक्टर लोइस मरांडी, दुमका के भाजपा सांसद सुनील सोरेन, राजमहल के पूर्व सांसद सोम मरांडी, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमलाल मुरमू, वरिष्ठ नेता दानियल किस्कू आदि ने मुख्यमंत्री के पहुँचते ही गर्मजोशी से स्वागत किया।

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