By, Shrikant Pratyush
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एक्सक्लूसिव इंटरव्यूः आशा बनाम अवसरवाद की लड़ाई है पटना साहिब का चुनावी संग्राम-रविशंकर

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केन्द्रीय मंत्री और पटना साहिब से बीजेपी उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद ने पटना सहिब के चुनावी संग्राम को आशा बनाम अवसरवाद की लड़ाई बताया है। सिटी पोस्ट लाइव के एडिटर इन चीफ श्रीकांत प्रत्युष से बातचीत करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं अटल जी की सरकार मंे मंत्री रहा, मोदी सरकार में मंत्री हूं लेकिन मैं अपने को साधारण कार्यकर्ता मानता हूं।

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एक्सक्लूसिव इंटरव्यूः आशा बनाम अवसरवाद की लड़ाई है पटना साहिब का चुनावी संग्राम-रविशंकर

सिटी पोस्ट लाइवः केन्द्रीय मंत्री और पटना साहिब से बीजेपी उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद ने पटना सहिब के चुनावी संग्राम को आशा बनाम अवसरवाद की लड़ाई बताया है। सिटी पोस्ट लाइव के एडिटर इन चीफ श्रीकांत प्रत्युष से बातचीत करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं अटल जी की सरकार मंे मंत्री रहा, मोदी सरकार में मंत्री हूं लेकिन मैं अपने को साधारण कार्यकर्ता मानता हूं। पटना में जन्म हुआ, यहीं पला बढ़ा पटना मेरा अपना शहर है। मैं पहली बार चुनाव लड़ रहा हूं। पार्टी की ओर से 8 राज्यों का प्रभारी रहा हूं। मैंने सैंकड़ो लोगों को चुनाव लड़वाया है

। ़पार्टी ने मुझे उम्मीदवार बनाया है। मैं प्रमाणिकता से पटना का सांसद बनूंगा। आईटी मंत्री के रूप में मैंने पटना में आठ बीपीओ खुलवाया। हर चुनाव अपने आप में चुनौती होती है। देश नरेन्द्र मोदी को दुबारा भारत का प्रधानमंत्री बनाना चाहता है। यह लड़ाई आशा बनाम अवसरवाद का चुनाव है। इस लड़ाई में एक तरफ नरेन्द्र मोदी हैं दूसरी तरफ न नीति हैं, न नियत है और नेता है। शत्रुध्न सिन्हा से जुड़े सवाल पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज तक मैंने शत्रुध्न सिन्हा का नाम नहीं लिया। हम सकारात्मक लड़ाई लड़ूंगा। पटना साहिब के मतदाताओं की आवाज बनूंगा।

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मेरी उम्मीदवारी पर पटना साहिब के मतदाता खुश हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा भी चुनाव में महत्वपूर्ण मुद्दा है। दुनिया में किसी ने सबूत नहीं मांगा लेकिन देश में सबूत मांगा जा रहा है। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेठी में अगर राहुल गांधी की जमीन इतनी मजबूत है तो उन्हें केरल क्यों जाना पड़ा। हिन्दु अल्पसंख्यकों के गढ़ में चुनाव लड़ने गये हैं राहुल गांधी। केरल इसलिए गये क्योंकि वहां अल्पसंख्यक आबादी 51 प्रतिशत है। हवाओं का मिजाज राहुल गांधी ने भंाप लिया है। राहुल गांधी न विचार से और नहीं अध्यात्मिक लगाव की वजह से हिन्दु हैं बल्कि वे राजनीतिक हिन्दु है।

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