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पूर्व मंत्री कार्तिक सिंह बॉडी गार्ड छोड़कर फरार.

पटना SSP बोले- दोनों घरों में फिर भेजी गई टीम, अपहरण केस में 19 सितंबर को सुनवाई.

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सिटी पोस्ट लाइव :बिल्डर राजू सिंह के अपहरण के जिस केस में पूर्व मंत्री फरार हुए हैं, उसकी सुनवाई 14 सितंबर को दानापुर कोर्ट में होनी थी. पर उस दिन सुनवाई नहीं हुई. ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) अजय कुमार छुट्टी पर थे. इस कारण अब इस केस 19 सितंबर को अब सुनवाई होगी.अपहरण केस में पूर्व कानून मंत्री कार्तिक सिंह लगातार फरार हैं. अब तक उनका कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है. वो लगातार भागते फिर रहे हैं. पूर्व मंत्री कार्तिक सिंह अपने बॉडी गार्ड को छोड़कर फरार हैं.

पूर्व कानून मंत्री बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं इसलिए उन्हें सुरक्षा के लिए बॉडी गार्ड दिया गया है. शक है कि कार्तिक सिंह को इस बात का एहसास हो चुका था कि उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस सुरक्षा के लिए मिले बॉडी गार्ड का इस्तेमाल कर सकती है. इसलिए वो उन्हें अपने घर पर ही छोड़कर फरार हैं.इस मामले पर पटना के SSP मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि उनकी टीम लगातार पूर्व कानून मंत्री की तलाश कर रही है. फिर से उनके दोनों घरों पर टीम को भेजा गया. इनके घर पर लगातार नजर रखी जा रही है. सुरक्षा के लिए दिए गए बॉडी गार्ड भी पटना में उनके घर पर ही मिले हैं. अगर गैर जमानती वारंट जारी हुआ तो हमलोग पकड़ कर उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश करेंगे.

कार्तिकेय को अनंत सिंह के समर्थक ‘कार्तिक मास्टर’ के नाम से जानते हैं. साल 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कार्तिक मास्टर और अनंत सिंह की दोस्ती परवान चढ़ी थी. आगे अनंत सिंह के चुनावी रणनीतिकार के रूप में कार्तिकेय ने खुद को साबित किया. अनंत सिंह के लिए सभी राजनीतिक दांव-पेंच पर्दे के पीछे से कार्तिकेय की मदद से ही अनंत सिंह संभालते हैं. इसलिए अनंत सिंह की पहली पसंद हैं. सबसे बड़े विश्वासी हैं.अनंत सिंह कार्तिकेय कुमार को खुद ‘मास्टर साहब’ कहकर पुकारते हैं. राजनीति में सक्रिय होने से पहले कार्तिकेय स्कूल में शिक्षक थे. वे मोकामा के रहनेवाले हैं और उनके गांव का नाम शिवनार है. कार्तिक मास्टर की पत्नी रंजना कुमारी लगातार दो बार मुखिया बनीं.

2014 में बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह के साथ कार्तिक सिंह और अन्‍य बिहटा में राजू सिंह का अपहरण करने गए थे. उसी मामले में बिहटा थाने में FIR की गई थी. उसमें कार्तिक भी आरोपित बनाए गए. अपहरण के मामले में उनके खिलाफ वारंट निकला था और उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना था. इसी क्रम में 10 अगस्‍त को महागठबंधन की सरकार बन गई. दो दिन बाद 12 अगस्‍त को कोर्ट ने उनको एक सितंबर तक के लिए राहत दे दी थी/ इसके बाद 16 अगस्‍त को कार्तिक सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली. उन्‍हें कानून मंत्री बनाया गया.

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