By, Shrikant Pratyush
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सोशल मीडिया को हथियार बनाकर तेजस्वी को लताड़ने वाले सिद्धकी ने पोस्ट डिलिट कर दिया है?

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सोशल मीडिया के तमाम मंचो के जरिए सियासत की लड़ाई लड़ी जाती है। घमासान ज्यादा ट्वीटर पर होता है लेकिन आज शाम में एक फेसबुक पोस्ट सुर्खियों में आ गया। पोस्ट आरजेडी के बड़े नेता अब्दुल बारी सिद्धकी का था और इस पोस्ट के जरिए आरजेडी के कर्ताधर्ता तेजस्वी यादव को लताड़ लगायी गयी थी इसलिए इस पोस्ट के सामने आने के बाद बिहार की सियासत में भूचाल आ गया।

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सोशल मीडिया को हथियार बनाकर तेजस्वी को लताड़ने वाले  सिद्धकी ने पोस्ट डिलिट कर दिया है?

सिटी पोस्ट लाइवः सोशल मीडिया के तमाम मंचो के जरिए सियासत की लड़ाई लड़ी जाती है। घमासान ज्यादा ट्वीटर पर होता है लेकिन आज शाम में एक फेसबुक पोस्ट सुर्खियों में आ गया। पोस्ट आरजेडी के बड़े नेता अब्दुल बारी सिद्धकी का था और इस पोस्ट के जरिए आरजेडी के कर्ताधर्ता तेजस्वी यादव को लताड़ लगायी गयी थी इसलिए इस पोस्ट के सामने आने के बाद बिहार की सियासत में भूचाल आ गया। वैसे बिहार की सियासत में भूचाल रोज आ रहा है इतना जरूर है कि अब्दुल बारी सिद्धकी के इस पोस्ट ने आरजेडी के अंदरखाने ज्याद भूचाल ला दिया। लेकिन क्या अब्दुल बारी सिद्धकी बैकफुट पर आ गये हैं? क्या उन्होंने अपना पोस्ट डिलिट कर लिया है? यह सवाल इसलिए है कि उनके पेज पर यह पोस्ट अब नहीं दिख रहा जिसे शाम तक आसानी से देखा जा रहा था और जिसके सहारे खबरें गढ़ी जा रही थी।

वैसे इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि उन्होंने इस पोस्ट को डिलिट कर लिया है कोई तकनीकी वजह भी हो सकती है लेकिन जितना बवाली पोस्ट उन्होंने किया था उससे यह कयास लग रहे हैं कि उन्होंने शायद इस पोस्ट को डिलिट कर लिया हो। उनके पोस्ट से आरजेडी का घमासान खुलकर सामने आ गया था। यह बात भी खुलकर सामने आ गयी कि तेजस्वी आरजेडी के बड़े नेताओं की की सलाह को दरकिनार करते हैं बल्कि उनकी मंशा पर भी सवाल उठाते हैं।

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जाहिर है बवाल बढ़ने पर दबाव भी बढ़ा हो और यह पोस्ट डिलिट हुआ है। अब्दुल बारी सिद्धकी ने अपने पोस्ट में लिखा था कि ‘आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए तमाम समाजवादियों को ईगो छोड़ना होगा। रघुवंश बाबू और हमारे जैसे नेताओं की मंशा पर सवाल नहीं होना चाहिए। फिलहाल तो अभी महागठबंधन जारी है। इसके अलावे जो लोग भी बीजेपी से परेशान हैं, उनको पहल करनी चाहिए।

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