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पूर्व कानून मंत्री कार्तिक सिंह पर सुनवाई आज.

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सिटी पोस्ट लाइव : महागठबंधन की सरकार के लिए मुसीबत का सबब बने बिहार सरकार के पूर्व कानून मंत्री कार्तिक सिंह के मामले में बुधवार को सुनवाई होनी है. उन्हें जमानत मिलेगी या उनके खिलाफ गैर जमानती  वारंट जारी होगा, यह सुनवाई के बाद स्पष्ट हो जाएगा.लेकिन जिस तरह से वो कोर्ट के सामने हाजिर नहीं हो रहे हैं और चुनाव प्रचार करने का उनका विडियो वायरल हो रहा है, कोर्ट गैर जमानती वारंट आज जारी कर सकता है. दो बार दानापुर कोर्ट में तारीख पड़ी.जज के छुट्‌टी पर रहने की वजह से दोनों ही बार सुनवाई नहीं हो सकी थी.

पूर्व कानून मंत्री पर बिल्डर राजू सिंह के अपहरण का आरोप है. बिहटा थाने में दर्ज इस केस में नामजद तो मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह समेत कई लोग थे. पर कार्तिक सिंह का नाम बाद में जांच के दौरान सामने आया था. लेकिन, आरोप है कि पुलिस ने उन्हें बाद में क्लीन चीट दे दी थी. इसी के बाद बिल्डर का परिवार कोर्ट के शरण में पहुंचा था.इसी आधार पर कार्तिक सिंह के ऊपर फिर से अपहरण मामले में शामिल होने का आरोप लगा. पहले तो कोर्ट ने 1 सितंबर तक किसी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा रखी थी. पर जब उस दिन इस मामले में सुनवाई हुई तो पूर्व मंत्री के वकील जनार्दन शर्मा के लंबी बहस करने के बाद भी जमानत नहीं मिली थी.

इस मामले में बिहार सरकार और पटना पुलिस की काफी फजीहत हो चुकी है. पहले पुलिस कहती रही कि कार्तिक सिंह फरार हैं. सुरक्षा के लिए मिला बॉडीगार्ड घर पर है, पर जब पुलिस टीम उनके पटना और मोकामा वाले घर पर छापेमारी की तो वो फरार मिले. बॉडीगार्ड को भी उनके बारे में जानकारी नहीं है. लेकिन, दशहरे के दिन का एक वीडियो सामने आया। जिसमें कार्तिकेय सिंह मोकामा में जेल में बंद पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी के साथ उनके काफिले में दिखे.इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई. तब पुलिस की ओर से दावा किया गया कि पूर्व मंत्री ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर रखी है. सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकती है.

गौरतलब है कि जब कोर्ट से कार्तिक सिंह को राहत नहीं मिली तो उन्हें मंत्री पद से अपना इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद दानापुर कोर्ट में लगातार तारीख पर तारीख ही मिल रही है. अब 12 अक्टूबर को इस केस में सुनवाई होनी है. दूसरी तरफ, पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए कार्तिकेय सिंह ने अपने वकील के माध्यम से पटना हाईकोर्ट में एंटी सिपेट्री बेल पिटिशन फाइल किया था जिसे हाईकोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था.

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