By, Shrikant Pratyush
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हर हाल में गांव पहुंचना चाहते हैं मजदूर, सवारी नहीं मिली तो राजस्थान से बिहार तक शुरू की पैदल यात्रा

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कोरोना वायरस के खतरे से पूरी दुनिया लड़ रही है। पूरे भारत को लाॅक डाउन कर दिया गया है। अपने घरों से दूर दूसरे प्रदेशों में जाकर मजदूरी करने वाले लोगों की मानों शामत आ गयी हो। उनकी दिक्कत ज्यादा हो रही है। हांलाकि सरकार लगातार यह अपील कर रही है कि जो जहां वो वहीं रहे। बेवजह यात्रा न करे लेकिन बाहर काम करने वाले मजदूर हर हाल में अपने गांव पहुंचना चाहते हैं।

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हर हाल में गांव पहुंचना चाहते हैं मजदूर, सवारी नहीं मिली तो राजस्थान से बिहार तक शुरू की पैदल यात्रा

सिटी पोस्ट लाइवः  कोरोना वायरस के खतरे से पूरी दुनिया लड़ रही है। पूरे भारत को लाॅक डाउन कर दिया गया है। अपने घरों से दूर दूसरे प्रदेशों में जाकर मजदूरी करने वाले लोगों की मानों शामत आ गयी हो। उनकी दिक्कत ज्यादा हो रही है। हांलाकि सरकार लगातार यह अपील कर रही है कि जो जहां वो वहीं रहे। बेवजह यात्रा न करे लेकिन बाहर काम करने वाले मजदूर हर हाल में अपने गांव पहुंचना चाहते हैं। राजस्थान में काम करने वाले बिहारी मजदूरों को जब बिहार के लिए कोई सवारी नहीं मिली उन्होंने राजस्थान से बिहार तक की पैदल यात्रा शुरू कर दी है।

सेवा बंद होने के बाद राजस्थान से बिहार के 14 मजदूर पैदल ही निकल पड़े हैं। रोजी-रोजगार बंद होने के बाद अपने घर जा रहे ये मजदूर तीन दिन पैदल चलकर मंगलवार को जयपुर से आगरा तक पहुंचे हैं। अभी भी इन्हें लगभग 1000 किलोमीटर का रास्ता तय करना है।

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भूख-प्यास से इन सभी की हालत खराब है। बिहार के सिफॉल निवासी एक मजदूर ने बताया कि एक महीने पहले अपने 14 साथियों के साथ जयपुर के कोल्ड स्टोरेज में काम करने के लिए गया था। अभी 25 दिन ही हो पाए थे कि सरकार के आदेश पर कोल्ड स्टोरेज को बंद कर दिया गया। इसके बाद कोल्ड स्टोरेज मालिक ने दो हजार रुपये देकर उन्हें घर भेज दिया। मगर जयपुर में कर्फ्यू लगा हुआ है। इस कारण कोई वाहन नहीं चल रहा।

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