By, Shrikant Pratyush
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दो दिनों में खुलासा कर दूंगा कि किसी पार्टी से चुनाव लडूंगा या निर्दलीय : अकील अख्तर

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पाकुड़ के पूर्व झामुमो विधायक अकील अख्तर ने शुक्रवार को फोन पर बताया कि वे दो दिनों के अंदर खुलासा कर देंगे कि वे किसी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे या निर्दलीय।

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दो दिनों में खुलासा कर दूंगा कि किसी पार्टी से चुनाव लडूंगा या निर्दलीय : अकील अख्तर
सिटी पोस्ट लाइव, पाकुड़ :  पाकुड़ के पूर्व झामुमो विधायक अकील अख्तर ने शुक्रवार को फोन पर बताया कि वे दो दिनों के अंदर खुलासा कर देंगे कि वे किसी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे या निर्दलीय। उल्लेखनीय है कि कोई दो घंटे पहले झामुमो व कांग्रेस के नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर अपने गठबंधन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उसके बाद अकील अख्तर का यह बयान पाकुड़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के लिए थोड़ी देर के लिए ही सही बेचैनी का सबब तो बन ही गया है। क्योंकि कांग्रेस के निवर्तमान विधायक व तय उम्मीदवार आलमगीर आलम को अगर कोई विशेष परिस्थिति न बनी तो उनके अलावा किसी और से कोई खतरा दिखाई नहीं देता है। क्योंकि मजबूत जनाधार के मद्देनजर आलमगीर आलम को सीधे-सीधे टक्कर देने लायक फिलवक्त कोई नजर नहीं आ रहा है। अब देखना है कि अकील अख्तर क्या गुल खिलाते हैं । झामुमो- कांग्रेस-राजद गठबंधन की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कहीं कोई दोस्ताना संघर्ष नहीं होगा। बावजूद इसके अगर कोई गठबंधन की शर्तों के इतर चुनाव लड़ता है तो संबंधित पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। ऐसी स्थिति में अकील अख्तर के समक्ष दो विकल्प हैं, पहला तो वे किसी अन्य पार्टी के टिकट पर लड़ें या फिर निर्दलीय। लोगों का मानना है कि अगर अकिल अख्तर निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं तो उनके समर्थक गठबंधन को दरकिनार कर उनके साथ हो जायेंगे। हो सकता है कि झामुमो भी उन्हें अंदर ही अंदर मदद करे। हालांकि  इस संबंध में झामुमो जिलाध्यक्ष श्याम यादव ने स्पष्ट कहा है कि झामुमो अपने नेतृत्व के निर्णय के इतर कोई भी काम नहीं करेगा। लोगों का तो यह भी मानना है कि अगर बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अकिल अख्तर चुनाव जीत जाते हैं तो झामुमो उन्हें हाथों हाथ लेने से जरा भी नहीं हिचकेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में दोस्ताना संघर्ष में कांग्रेस के आलमगीर आलम उन्हें हराया था। उस वक्त आलमगीर आलम को 83,338 मत मिले थे। जबकि अकील अख्तर को 65,272। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में झामुमो के टिकट पर पहली बार लड़े अकील अख्तर ने आलमगीर आलम को मिले 56, 570 मतों के मुकाबले 62, 246 मत लाकर सीधी टक्कर में मात दी थी। इसके साथ ही पाकुड़ विधानसभा सीट पर पहली बार झामुमो का परचम लहराया था।

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