By, Shrikant Pratyush
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अबूझ पहेली बनी पाटलीपुत्रा सीट, भारत के सबसे अमीर उम्मीदवार ने लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है

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लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में जिन सीटों पर वोटिंग होनी है उसमें पाटलीपुत्रा लोकसभा सीट बेहद हाईप्रोफाइल सीट है। यह सीट सिर्फ इस वजह से हाई प्रोफाइल नहीं है कि यहां मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव और राजद उम्मीदवार मीसा भारती के बीच है

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अबूझ पहली बनी पाटलीपुत्रा सीट, भारत के सबसे अमीर उम्मीदवार ने लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है

सिटी पोस्ट लाइवः लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में जिन सीटों पर वोटिंग होनी है उसमें पाटलीपुत्रा लोकसभा सीट बेहद हाईप्रोफाइल सीट है। यह सीट सिर्फ इस वजह से हाई प्रोफाइल नहीं है कि यहां मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव और राजद उम्मीदवार मीसा भारती के बीच है बल्कि यह सीट इसलिए भी हाईप्रोफाइल है क्योंकि इस सीट से भारत का सबसे अमीर उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है। जी हां तकरीबन 1 हजार करोड़ की संपत्ति के मालिक आर.के. शर्मा इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। शर्मा भी पूरी ताकत दिखा रहे हैं और भूमिहार बिरादरी से आने वाले आरके शर्मा ने पाटलीपुत्रा सीट की लड़ाई को और दिलचस्प बना दिया है क्योंकि इस सीट पर भूमिहार मतदाता निर्णायक भूमिका में रहे हैं। आर.के. शर्मा की वजह से पाटलीपुत्रा की लड़ाई त्रिकोणीय हो गयी और आर.के. शर्मा की वजह से मीसा भारती और रामकृपाल यादव दोनों का खेल बिगड़ सकता है।

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और मीसा भारती इस सीट से चुनाव हार चुकी है तमाम जातीय समीकरण राजद के पक्ष में होने के बावजूद भूमिहार मतों की निर्णायक भूमिका इस सीट पर हार और जीत का फैसला करती है.पाटलीपुत्र लोकसभा क्षेत्र देश के कुल 543 और बिहार की 40 सीटों में एक है. यह सीट पटना जिले में पड़ती है. 2008 तक पटना में सिर्फ एक लोकसभा सीट हुआ करती थी लेकिन परिसीमन के बाद यहां दो सीटें हो गईं-एक पाटलीपुत्र (शहर के प्राचीन नाम पर आधारित) और दूसरी सीट पटना साहिब जहां से सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा चुनाव जीतते रहे हैं. पाटलीपुत्र में तकरीबन साढ़े 16 लाख मतदाता हैं जिनमें 5 लाख यादव और साढ़े चार लाख भूमिहार हैं.

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इस संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा सीटें हैं. दानापुर, मनेर, फुलवारी, मसौढ़ी, पालीगंज और बिक्रम. इनमें फुलवारी और मसौढ़ी एससी आरक्षित सीटें हैं. दानापुर में पिछले दो विधानसभा चुनाव 2010 और 2015 से बीजेपी की उम्मीदवार आशा देवी जीतती आ रही हैं, जबकि मनेर सीट पर आरजेडी के प्रत्याशी भाई विरेंद्र 2010 और 2015 में जीते. फुलवारी से जेडीयू के नेता श्याम रजक विधायक हैं जो कभी लालू यादव के खास हुआ करते थे. मसौढ़ी विधानसभा सीट पर फिलहाल आरजेडी का कब्जा है. यहां से रेखा देवी विधायक हैं. पालीगंज सीट भी आरजेडी के हिस्से में है और जयवर्धन यादव विधायक हैं. बिक्रम विधानसभा सीट कांग्रेस के पाले में है और सिद्धार्थ वहां से विधायक हैं. सीटों का गणित देखें तो यह पूरा इलाका आरजेडी का गढ़ है लेकिन लोकसभा में पिछली बार बीजेपी नेता रामकृपाल यादव जीत कर आए जो कभी आरजेडी के बड़े नेता हुआ करते थे.

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