By, Shrikant Pratyush
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डिजिटल इलेक्शन पर जेडीयू भी सहमत नहीं, राजीव रंजन ने कहा-‘यह राह आसान नहीं’

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बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी बिहार में डिजिटल इलेक्शन की बात बार-बार कर रहे हैं। संकट के काल में बिहार की सियासत के केन्द्र में इसी वजह से यह सवाल आकर खड़ा हो गया है कि क्या बिहार में डिजिटल इलेक्शन संभव है और क्या वाकई बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव डिजिटल तरीके से होंगे? सुशील मोदी के डिजिटल इलेक्शन वाले बयान से उनकी सहयोगी जेडीयू हीं सहमत नहीं दिखती।

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सिटी पोस्ट लाइवः बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी बिहार में डिजिटल इलेक्शन की बात बार-बार कर रहे हैं। संकट के काल में बिहार की सियासत के केन्द्र में इसी वजह से यह सवाल आकर खड़ा हो गया है कि क्या बिहार में डिजिटल इलेक्शन संभव है और क्या वाकई बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव डिजिटल तरीके से होंगे? सुशील मोदी के डिजिटल इलेक्शन वाले बयान से उनकी सहयोगी जेडीयू हीं सहमत नहीं दिखती।

सिटी पोस्ट लाइव से बातचीत में आज जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि देश में डिजिटल गतिविधियां तेजी से बढ़ी है। लेन-देन से लेकर बड़ी बड़ी बैठके डिजिटल प्लेटफार्म पर हो रही है। मुख्यमंत्री भी अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के जरिए हीं संवाद हो रहा है। लेकिन चुनाव एक बड़ा मसला है। चुनाव इसी वर्ष होने है। आधा साल निकल चुका है इस पर एक व्यापक सहमति की जरूरत होगी। यह आसान राह नहीं है लेकिन डिजिटल एलेक्शन सही आईडिया है। चुनाव डिजिटल हो पाएगा या नहीं यह राजनीतिक दलों की राय के बाद हीं सामने आएगा।

आने वाले समय में निर्वाचन प्रणाली में बदलाव हो सकते हैं। बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर यह काल्पनिक पारिस्थति है । डीजिटल इलेक्शन हो पाएगा या नहीं हो पाएगा यह कह पाना मुश्किल है। आपको बता दें कि डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कल एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि-‘ कोरोना संक्रमण ने दुनिया भर में जब कामकाज का तरीका बदल दिया, तब इस साल बिहार विधानसभा का चुनाव भी डिजिटल तरीके से आॅनलाइन क्यों नहीं हो सकता?

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चुनाव आयोग अगर ऐसी व्यवस्था करता है तो वह निष्पक्षता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा। इसको लेकर केवल वहीं लोग दुराग्रही हो सकते हैं, जिन्हें ईवीएम आने के बाद से बूथ लूट कर सत्ता हथियाने के मौके मिलने बंद हो गये। गरीबों के वोट लूटकर मतपेटियों से जिन्न निकलने का दावा करने का तिलिस्म टूटने से बौखलाए लोग आॅनलाइन चुनाव प्रचार के विरूद्ध नरेशन गढ़ने में लग गये।’

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