By, Shrikant Pratyush
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चमकी पीड़ित बच्चों के लिए बड़ा काम करने जा रहे हैं खेसारी लाल यादव, कल पहुंच रहे हैं मुजफ्फरपुर

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हर मुसीबत की तरह मासूम मौतों के मातम से भी मुजफ्फरपुर उबर जाएगा लेकिन जिन घरों के चिराग चमकी ने बुझा दिये उस घर के लोग शायद यह कभी नहीं भूल पाएंगे कि जब उनके घरों के चिराग दम तोड़ रहे थे तो नेता क्या कर रहे थे। जानलेवा चमकी से गरीब घरों के मासूम कभी न टूटने वाली नींद के आगोश में चले गये

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चमकी पीड़ित बच्चों के लिए बड़ा काम करने जा रहे हैं खेसारी लाल यादव, कल पहुंच रहे हैं मुजफ्फरपुर

सिटी पोस्ट लाइवः हर मुसीबत की तरह मासूम मौतों के मातम से भी मुजफ्फरपुर उबर जाएगा लेकिन जिन घरों के चिराग चमकी ने बुझा दिये उस घर के लोग शायद यह कभी नहीं भूल पाएंगे कि जब उनके घरों के चिराग दम तोड़ रहे थे तो नेता क्या कर रहे थे। जानलेवा चमकी से गरीब घरों के मासूम कभी न टूटने वाली नींद के आगोश में चले गये, और नेता जी नींद मार रहे थे, मासूम हमेशा के लिए खामोश हो रहे थे तब भी बिहार के कुछ नेताओं की खामोशी नहीं टूट रही थी। कैसे भूलेगा बिहार उन चेहरों को उन तस्वीरों को और संवेदनहीनता की उस पराकाष्ठा को जिसने मातम को इस मौसम को और नीरस बना दिया। लेकिन संवेदना सबकी सुन्न नहीं हुई। ठीक है कि जिन्हें यह सुनिश्चित करना है कि इलाज के अभाव में किसी मासूम की मौत न हों उन्होंने अपना काम ठीक नहीं किया लेकिन सीधे तौर पर जिनकी जिम्मेवारी नहीं है वे लोग भी अब आगे आ रहे हैं।

भोजपुरीया सुपरस्टार खेसारी लाल यादव आगे आये हैं चमकी पीड़ित मासूमों के परिजनों की मदद के लिए। फिल्मों और गायकी के अलावा समाजसेवा में खासी रूची रखने वाले खेसारी लाल यादव मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच जाकर पीड़ित बच्चों के परिजनों से मिलेंगे। काम सराहनीय है और जिनके घरों के चिराग जिदंगी और मौत से जूझ रहे हैं उनके लिए मरहम की तरह हैं। खेसारी लाल यादव इससे पहले भी लोगों की मदद करते रहे हैं और अब जब वे मुजफ्फपुर जाकर यह सराहनीय काम करने जा रहे हैं तो जाहिर खेसारी लाल की यह सराहनीय पहल भी याद की जाएगी।

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याद रखेगा मुजफ्फरपुर की जब नेता मासूमों की मौत पर भी नींद में थे, क्रिकेट का स्कोर पूछ रहे थे, कुछ की चुनावी थकान नहीं मिट रही थी तब खेसारी लाल की संवेदना उन्हें बिहार के मुजफ्फरपुर ले आयी थी। मासूम मौतों की चित्कार सुनकर खेसारी लाल ने मासूमों के परिजनों की मदद की थी और उनके दर्द पर मरहम रखा था। अच्छा है मासूम मौतों के मातम में यह दर्द शामिल नहीं होगा कि सबकी संवेदना सुन्न पड़ी थी क्योंकि भोजपुरी फिल्मो का रील लाइफ हीरो रीयल लाइफ हीरो बनकर मासूमों के बीच उनके दर्द बांटने मुजफ्फरपुर पहुंच रहा है।

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