By, Shrikant Pratyush
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लालू यादव ने कहा, भाजपा के जाल में नहीं फंसें राहुल, आत्मघाती कदम साबित होगा इस्तीफा

लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद आई लालू यादव की पहली प्रतिक्रिया

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विपक्षी महागठबंधन की करारी शिकस्त के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव में सभी विपक्षी पार्टियों का एक ही मकसद था भाजपा को रोकना लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर हम ऐसी धारणा बनाने में विफल रहे।

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लालू यादव ने कहा, भाजपा के जाल में नहीं फंसें राहुल, आत्मघाती कदम साबित होगा इस्तीफा

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: विपक्षी महागठबंधन की करारी शिकस्त के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव में सभी विपक्षी पार्टियों का एक ही मकसद था भाजपा को रोकना लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर हम ऐसी धारणा बनाने में विफल रहे। लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने लिखा है राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश आत्मघाती है। यह भाजपा के जाल में फंसने जैसा है। विपक्ष का एकमात्र लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से हटाना था लेकिन हम इसे राष्ट्रीय धारणा बनाने में असफल रहे। एक चुनाव के परिणाम से देश की वास्तविक्ता नहीं बदल सकती है।

कांग्रेस की बढ़ती मुश्किलें

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चुनाव में बुरी तरह से हार के बाद जबरदस्त अंदरूनी हलचल का सामना कर रही कांग्रेस की मुश्किल राहुल गांधी के रुख के चलते फिलहाल कम होती नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद 25 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने बैठक में ही परोक्ष रूप से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका पर असंतोष जताया था। राहुल ने कहा था कि इन नेताओं ने पार्टी की बजाय परिवार पर ज्यादा ध्यान दिया। कार्यसमिति की बैठक में राहुल ने यह भी संदेश दिया था कि पार्टी के नये अध्यक्ष के लिए गांधी परिवार के बाहर के चेहरे के विकल्प पर ही गौर करना होगा। पार्टी नेताओं के आग्रह के बावजूद राहुल कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने पर अड़े हुए हैं। वह नेताओं से भी कम ही मिल रहे हैं। सोमवार को तो उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिलने से इनकार कर दिया, जबकि मुलाकात पहले से तय थी। गहलोत को पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने के लिए कह दिया गया था।

नैतिक जिम्मेदारी के नाम पर अबतक 13 नेता भेज चुके हैं इस्तीफा

हार की नैतिक जिम्मेदारी के नाम पर कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी लग गई है। अबतक 13 नेता आलाकमान को इस्तीफा भेज चुके हैं। इस क्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने भी राज्य में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज दिया है। पंजाब कांग्रेस के प्रमुख सुनील जाखड़ ने राज्य में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद गुरदासपुर में अपनी हार के मद्देनजर इस्तीफा दे दिया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने भी त्यागपत्र भेज दिया है। इसके पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर और ओडिशा के पार्टी अध्यक्ष निरंजन पटनायक भी इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं। दिल्ली की अध्यक्ष शीला दीक्षित भी इस्तीफा सौंप चुकी हैं।

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