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लालू ने अपने बड़े भाई से भी ले ली नौकरी के बदले जमीन.

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सिटी पोस्ट लाइव :जेडीयू  के मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव पर बड़ा आरोप लगाया है.उन्होंने कहा है  लगाया कि नौकरी के बदले जमीन (Land For Job Case) लेने में  लालू प्रसाद (Lalu Yadav) ने सगे भाई को भी नहीं छोड़ा. बड़े भाई मंगरू यादव के दो पुत्रों को रेलवे में नौकरी दी. बदले में भाई की जमीन लिखवा ली.दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के शासन में बिना जमीन लिए मंगरू यादव की पुत्रबधु गुंजन यादव को कार्यालय सचिव की नौकरी मिली.

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav)  राज्य सरकार की ओर से दी जा रही नौकरियों में नाहक अपना श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं. राज्य की जनता इस मामले में उनके परिवार के रिकार्ड को जानती है.नीरज ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को नौकरी दी. दूसरी तरफ लालू प्रसाद नौकरी के बदले जमीन लिखवा कर जमींदार बन गए.

पटना में लालू प्रसाद यादव के पास 43 बीघा 12 कट्ठा, मुजफ्फरपुर में 23 बीघा के अलावा औरंगाबाद, छपरा और गोपालगंज में कई बीघा जमीन है. उन्होंने तेजस्वी यादव से पूछा कि उन्हें पता है कि राजद शासनकाल में बेटियों को कितनी नौकरी मिली.JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष व राजद नेता तेजस्वी यादव से 10 सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि घोटालों, गुंडाराज और जमीन कब्जा के अलावा राजद की कोई एक उपलब्धि बता दें तेजस्वी यादव. उनकी राजनीति अब बेफिजूल बयानबाजी तक रह गयी है.

राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी यादव यह बताएं कि उनके माता-पिता के राज में बिहार को बीमारू राज्य क्यों कहा जाता था? आज नीतीश राज में बिहार की विकास दर देश के विकास दर से लगातार क्यों आगे बढ़ रही है? राजद के राज में देश भर में बिहारी शब्द गाली की तरह क्यों प्रयोग किया जाता था? आज ऐसा क्यों नहीं होता?

उन्होंने कहा कि वह बताएं कि उनके माता-पिता के शासनकाल को कोर्ट ने जंगलराज क्यों कहा था? उस समय सड़कों का हाल क्या था और आज क्या है? राजद के राज में जातीय संघर्ष और नरसंहार किसके शह पर होते थे? नाबालिग रहते हुए व करोड़पति कैसे बन गए?जदयू प्रवक्ता ने कहा कि हमें यह पता है कि तेजस्वी अपने राजनीतिक गुरु राहुल गांधी की तरह वार करो और भाग जाओ की नीति पर चलते हैं.। इसलिए वह इन प्रश्नों के जवाब कभी नहीं देंगे.

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